शियों को सरकार से भीख नहीं बल्कि अपना हक़ चाहिए: मौलाना कल्बे जवाद
देश विदेश दैनिक खोज खबर
भारत के एक वरिष्ठ शिया धर्मगुरू ने कहा है कि शिया क़ौम को किसी भी सरकार से भीख नहीं चाहिए बल्कि अपना अधिकार चाहिए। मुसलमानों के सामने मौजूद राजनीतिक और सामाजिक समस्याओं के मद्देनज़र शनिवार को मौलाना सैयद कल्बे जवाद नक़वी ने एक बयान जारी करके कहा है कि पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परिजनों ने विभिन्न राजनैतिक व सामाजिक स्थितियों में जीवन बिताया क्योंकि सभी सरकारें उनकी विरोधी होती थीं इसलिए हमें भी कठिन परिस्थितियों में पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परिजनों के जीवन से पाठ लेना चाहिए। लखनऊ की आसिफ़ी मस्जिद के इमामे जुमा ने कहा कि धैर्य, सहनशीलता और अल्लाह पर भरोसा ही हर मुसीबत से मुक्ति का साधन है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि जो जुल्म हमारी क़ौम पर पिछली सरकार में हुए वे इस सरकार में नहीं होंगे और हमें हमारे अधिकार दिए जाएंगे।
 
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि शिया क़ौम को किसी भी सरकार से भीख नहीं चाहिए बल्कि हम अपना हक़ चाहते हैं, हमारी वक्फ़ संपत्तियां, हुसैनाबाद ट्रस्ट, इमामबाड़े और अन्य संपत्तियां हमें वापस कर दी जाएँ। उन्होंने कहा कि क़ौम के बेईमान लोगों, सरकारों और प्रशासन की मिली-भगत से ही क़ौमी धरोहरों और क़ौमी संपत्तियों को नुक़सान पहुंचा है। लखनऊ की आसिफ़ी मस्जिद के इमामे जुमा ने समाजवादी सरकार की ज्यादतियों और अन्याय की निंदा करते हुए कहा कि इमाम का कथन है कि यदि अत्याचारी को सज़ा मिलने में देर हो तो घबराना नहीं चाहिए क्योंकि सज़ा देने में वह जल्दी करता जिसे अपराधी के भाग जाने का डर हो। मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि अल्लाह ने ज़ालिम सरकार को सज़ा दी है और हमें इस चुनाव में कम से कम ये फ़ायदा हुआ कि जो आरोप हमारी क़ौम पर लगाए जाते थे अब वह नहीं लगाए जाएंगे।