✍रांची, खेलगांव से नवीन सिंह परमार की रिपोर्ट 
💢रांची  ( 01 अक्टूबर ) झारखंड की राजधानी रांची के खेलगांव में 27 सितंबर से चल रहें ” राष्ट्र सर्वोपरि ” विचारकों एवं कर्मशीलों के राष्ट्रीय विमर्श ” लोकमंथन :2018 ” के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए   रविवार 30 सितंबर को झारखंड के  मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आज देश में मुट्ठी भर लोग राष्ट्रवाद, भारत की मुख्य  भावनाओं को जीवित रखने के बजाय इसे कमजोर करने की कोशिश रहे हैं। वामपंथी  इतिहासकारों  ने दुनिया भर में भारत की गलत छवि पेश की है। ऐसे समय में  लोकमंथन में चिंतन से निकला अमृत देश के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को नयी  दिशा देगा।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में कई धर्म, कई संस्कृति के लोग रहते हैं. इसलिए हम  सर्वधर्म सद्भाव को मानते हैं। हमारे लिए सभी धर्म एक जैसे हैं। हम सभी  धर्मों में विश्वास करते हैं। भारत की परंपरा सभी धर्मों की इज्जत करना  रहा है। हमारी संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने वाली संस्कृति है। हम धरती को  मां कहते हैं, धरती के साथ मां और बेटे का संबंध सिर्फ भारत में ही है।इसलिए लोकमंथन के माध्यम से पूरे विश्व में भारत की संस्कृति वसुधैव  कुटुंबकम को विस्तार देने की जरूरत है।
  मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों से हमारी संस्कृति को संभालकर राष्ट्र की  मूलभूत धारा को समृद्ध करने में जनजाति समाज का बहुत बड़ा योगदान है। विकास  की दौड़ में सम्मिलित होने के लिए आदिवासी समाज सजग हो गया है।
उन्होनें कहा कि  आज समाज को  तोड़ने वाली शक्तियां सक्रिय हैं, उन्हें परास्त कर हमें समाज को परम वैभव तक  ले जाना है। ‘सारा समाज मेरा अपना है’ यह भाव जगाना है। भोलेभाले  आदिवासी भाई-बहनों को बहला-फुसला कर यहां बड़े पैमाने पर धर्मांतरित किया गया है, लेकिन हमने यहां कानून बना दिया है कि यदि किसी ने भी किसी को जबरन  या लोभ देकर धर्मांतरण कराया, तो वे कानूनन जुर्म होगा।
  मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल युवा पीढ़ी से अपील करते हुए कहा कि वे भारत निर्माण में आगे आयें। वामपंथी और कांग्रेसी कॉलेज व यूनिवर्सिटी में बच्चों को ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ का गलत संदेश देने का काम कर गुमराह कर रहे हैं।  ऐसे समय में हम सभी को एक होकर ऐसी शक्तियों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। युवा शक्ति मां भारती के प्रति अपना कर्तव्य निभायें।
{इनपुट : परमार डाॅट काॅम : सीवान,बिहार }