राष्ट्र संघ के महासचिव की ओर से इस्राईल के समर्थन का जवाब त्यागपत्र
दैनिक खोज खबर (डेस्क)
संयुक्त राष्ट्र संघ के पश्चिमी एशिया के आर्थिक व सामाजिक आयोग की प्रमुख ने आयोग की रिपोर्ट निरस्त करने के महासचिव के क़दम पर आपत्ति जताते हुए त्यागपत्र दे दिया है।
UNESCWA की प्रमुख रीमा ख़लफ़ ने इस्राईल को नस्लभेदी शासन बताने संबंधी आयोग की रिपोर्ट को राष्ट्र संघ के महासचिव अंटोनियो गुटेरस की ओर से निरस्त किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। संयुक्त राष्ट्र संघ के पश्चिमी एशिया के आर्थिक व सामाजिक आयोग ने 25 जनवरी को फ़िलिस्तीनी जनता के ख़िलाफ़ ज़ायोनी शासन के नस्लीय भेदभाव के बारे में एक रिपोर्ट जारी  की थी और इस्राईल को औपचारिक रूप से एक नस्लभेदी सरकार बताया था। इस पर अमरीका व इस्राईल ने काफ़ी आक्रोश जताया था। वाॅशिंग्टन और तेल अवीव के दबाव के सामने झुकते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने UNESCWA  को आदेश दिया कि वह अपनी रिपोर्ट वापस ले।
रिपोर्ट में कहा गया था कि इस्राईल ने 1947 से 1949 के बीच फ़िलिस्तीन के 531 गांवों को ध्वस्त किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि अरब देशों के शासक अपनी वैधता को लेकर ही चिंतित हैं इस लिए इस्राईल फ़िलिस्तीनियों का अधिक से अधिक दमन कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ के पश्चिमी एशिया के आर्थिक व सामाजिक आयोग की प्रमुख रीम ख़लफ़ ने शुक्रवार को एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि UNESCWA की वेबसाइट से इस रिपोर्ट को हटाए जाने और राष्ट्र संघ द्वारा रिपोर्ट की सच्चाई के बारे में पीछे हटने के कारण वे अपने पद से त्यागपत्र दे रही हैं और महासचिव गुटेरस ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि गुटेरस ने दबाव में आ कर रिपोर्ट के संबंध में अपनी नीति बदल दी है और यह बात सभी के लिए पूरी तरह से स्पष्ट है।