बस्तियों का निर्माण पूर्ण रूप से ग़ैर क़ानूनी हैः फ़िलिस्तीनी विदेशमंत्रालय
फ़िलिस्तीन के विदेशमंत्रालय ने घोषणा की है कि हर प्रकार की बस्तियों का निर्माण ग़ैर क़ानूनी और अंतर्राष्ट्रीय नियमों के विरुद्ध है।
शरक़ुल अवसत वेब साइट की रिपोर्ट के अनुसार फ़िलिस्तीन के विदेशमंत्रालय ने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि इस्राईल के प्रधानमंत्री बेन यामीन नितन याहू एकपक्षीय रूप से फ़िलिस्तीन की समस्या के स्थाई समाधान से संबंधित मामलों को तबाह करने के प्रयास जारी रखे हुए हैं और फ़िलिस्तीन पक्षों की अनदेखी कर रहे हैं और इस चरण में बैतुल मुक़द्दस और बस्तियों के निर्माण जैसे मुख्य विषय पर ध्यान दिए हुए हैं।
फ़िलिस्तीन के विदेशमंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि फ़िलिस्तीन सरकार की राजधानी अतिग्रहित बैतुल मुक़द्दस वह मुख्य विषय है जो वार्ता के लिए राजनैतिक समाधान की प्राप्ति का अवसर प्रशस्त कर सकता है। बयान में कहा गया है कि फ़िलिस्तीन की राजधानी के रूप में बैतुल मुक़द्दस की अनदेखी और बस्तियों का निर्माण जारी रहना, सांठगांठ वार्ता में हर प्रकार की सहमति की प्राप्ति के रास्ते में मुख्य रुकावट है और यह वही चीज़ें हैं जिन पर कैंप डेविड समझौते में बल दिया गया है।
इस बयान में बल दिया गया है कि बैतुल मुक़द्दस में बस्तियों के निर्माण को जारी रखने का प्रयास, निश्चित रूप से इस्राईल की ओर से धोखाधड़ी है और इसको कदापि स्वीकार नहीं किया जा सकता।
फ़िलिस्तीन के विदेशमंत्रालय के बयान में आया है कि हमारा मानना है कि अमरीका की नई सरकार इस बात को ठीक ढंग से समझती है, विशेषकर जब उसने अपने दूतावास को तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थांनातरित करने की योजना पेश की है। अमरीका की इस योजना पर न केवल फ़िलिस्तीनी पक्षों की ओर से बल्कि अरब, इस्लामी तथा अंतर्राष्ट्रीय हल्क़ों की ओर से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।





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