👉भोजपुरी मतलब सिर्फ द्विआर्थी भोजपुरी सिनेमा और गाने नहीं है. भोजपुरी मतलब जिंदादिली है. जीवन के अपार कष्टों के बीच हंसने-हंसाने और मस्त रहने का हुनर है. बाजारवाद की भेंट चढ़ गयी इस पहचान को फिर से जगाने के लिए आखर परिवार के द्वार पिछले 2010 से  हर साल आयोजित होता है भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन ।इस भोजपुरिया महाकुंभ में गीत-संगीत की मस्ती के जरिये भोजपुरिया स्वाभिमान को जगाने की कोशिश आखर परिवार के द्वार किया जाता है । इस वर्ष भी 03 दिसंबर को बिहार के सीवान जिले के रघुनाथपुर प्रखंड के पंजवार गांव में रविवार को  यह महाजुटान एक बारफिर होगा👈

💢भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन 3 दिसम्बर को 💢
3 दिसम्बर सिर्फ भारत के प्रथम राष्ट्रपति  डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद की जयंती ही नहीं है अपितु भोजपुरिया समाज के गौरव का प्रतिबिम्ब है । आखर परिवार इसी प्रतिबिम्ब को और मुखरित करने के लिये हर साल भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन करता है । भोजपुरी भाषा और साहित्य की समृद्ध विरासत को भोजपुरिया लोगों तक पहुंचाने के लिये आखर संकल्पबद्ध है । इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन किया जाता है ।सीवान  नगर के महादेवा रोड स्थित श्रीनारद फाउंडेशन के कार्यालय में  प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उक्त बातें आखर परिवार  के वरिष्ठ सदस्य नवीन कुमार, संजय सिंह, अनिमेष वर्मा और मोहन श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कही ।



👉निकलेगी भव्य यात्रा: भोजपुरी भाषा  को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने, भोजपुरी संगीत में व्याप्त अश्लीलता को समाप्त करने , भोजपुरिया महापुरुषों के प्रति सम्मान और राष्ट्रनिर्माण में भोजपुरिया लोगों के योगदान को रेखांकित करते हुए नारे लगाएंगे । हजारों विद्यार्थी हाथों में तख्तियां लेकर गगनभेदी नारे लगाते हुए लगभग 2 किलोमीटर की यात्रा करेंगे ।
👉पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय करेंगे उद्घाटन: बिहार पुलिस के महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय रविवार को  11 बजे दिन में  कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन करेंगे । उद्घाटन सत्र में भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिये किये जा रहे प्रयासों की दिशा और दशा पर चर्चा होगी । भोजपुरी के वरिष्ठ साहित्यकार  डॉ0 जौहर शफियाबादी, डॉ0 ब्रजभूषण मिश्र,डॉ0 गोरख मस्ताना , डॉ0जितेंद्र वर्मा, डॉ0 बलभद्र, रामदयाल शर्मा,  तंग इनायतपुरी सहित भोजपुरी के दिग्गज साहित्यकार इस विषय का विशद विवेचन करेंगे   इसी सत्र के उत्तरार्द्ध में आखर सुर सम्मान के प्रतिभागियों और विजेताओं को भोजपुरी लोक गीतों के शीर्षस्थ कलाकार भरत शर्मा द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा । इसी  सत्र मे काशी हिंदू विश्वविद्यालय की शोध छात्रा ऋचा वर्मा और उनके सहयोगी परम्परागत गीतों की प्रस्तुति करेंगे । सत्र के अंत मे आरा के डॉ0 संजीव सिन्हा के निर्देशन में छोटे छोटे बच्चे बालगीत की प्रस्तुति देंगे ।
👉सांस्कृतिक सत्र में भोजपुरिया संस्कृति की दिखेगी ऊंचाई :सांस्कृतिक सत्र की शुरुआत रात्रि 7 बजे होगी । शुरुआत बिस्मिल्लाह खान संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा की जाएगी । दिवंगत कपिल पांडेय के गजलों और मैनावती देवी के गीतों को गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जायेगी । मैनावती देवी मैना  का हाल ही में निधन हो गया था । इसके बाद पांडेय कपिल जी की अमर रचना फुलसूंघी का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया जाएगा । कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज की छात्राएं नाटक प्रस्तुत करेंगी ।  नाट्य रूपांतरण व  निर्देशन संजय सिंह का होगा ।
👉चंदन तिवारी और शैलेन्द्र मिश्र के गीतों की रहेगी धूम: सुर संग्राम और जिला टॉप जैसे कार्यक्रमों में अपनी गायकी का लोहा मनवा चुकी चंदन तिवारी अपने स्वर का जादू बिखेरेंगी । हाल ही में  चंदन नीदरलैंड से लौटी हैं । बलिया के लोक गायक शैलेंदर मिश्र का भी कार्यक्रम होगा । शैलेन्द्र मिश्र भिखारी ठाकुर , महेंद्र मिश्र और मोहम्मद खलील के गीतों पर नया प्रयोग कर रहे हैं ।
👉नृत्य गुरु विपुल नायक चित्रगुप्त को करेंगे याद:इस वर्ष संगीतकार चित्रगुप्त का जन्मशताब्दी वर्ष है । नृत्यगुरु विपुल नायक चित्रगुप्त के गीतों से कोलाज बनाकर अपनी शिष्याओं के साथ लोकनृत्य प्रस्तुत करेंगे । विपुल नायक देश के जाने माने नृत्य गुरु हैं । हाल ही में प0 बंगाल सरकार ने उन्हें कला का सर्वोच्च पुरस्कार दिया है । सम्मेलन के तुरंत बाद उन्हें अंतराष्ट्रीय फोक फेस्टिवल में भाग लेने के लिए चीन जाना है ।

👉भोजपुरिया कैलेंडर का होगा लोकार्पण:सम्मेलन में भोजपुरिया कैलेंडर का लोकार्पण होगा । भोजपुरीया स्वाभिमान को बढानेवाले 12 महानुभावों के जीवन विवरण और चित्र से सजे इस कैलेंडर का लोकार्पण आगंतुक अतिथि समेकित रूप से करेंगे । 

       ( पटना में प्रेस वार्ता करते आखर परिवार के सदस्य )

( सीवान में प्रेस वार्ता करते आखर परिवार के सदस्य )
👉देश विदेश से जुटने लगे हैं आखरियन: सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुबई से नवीन भोजपुरिया, अफ्रीका से देवेश मिश्र, मुम्बई से अनिमेष वर्मा, फिल्म निर्देशक अमित मिश्रा, अभिनेत्री सुमन सिंह दिल्ली से राजीव सिंह, पंडित राजीव, आदित्य, भावना प्रसाद, सोनभद्र से ब्रजकिशोर तिवारी, पटना से यशवंत मिश्र, अमीषा त्रिपाठी, बलिया से सुनील तिवारी, फिल्म निर्माता मोहन जी श्रीवास्तव,  अभिनेता व निर्देशक आशीष त्रिवेदी, आनंद मोहन कलकत्ता से अजय सिंह सिसोदिया, छपरा से प्रो0 पी राज सिंह , रामदयाल शर्मा सहित सैकड़ो आखरियन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पंजवार पहुंच चुके हैं ।