मुस्लिम मां बेटे की मन्नत हुई पूरी, 26 साल बाद खुला नामांतरण
आज़ाद नेब
जहाजपुर 4 जून। क्षेत्र के टीटोड़ी गांव से 26 वर्ष पूर्व लापता हुए जाकिर हुसैन की 11 बीघा भूमि के उसकी पत्नी व बेटे के नाम पर आज न्याय आपके द्वार शिविर में नामांतरण खुल सका। मां बेटे पाक रमजान के पहले जुम्मे में मिली इस सौगात को अपनी खुशनसीबी मानते है। तथा अल्लाह का रहमो करम मानकर अजमेर दरगाह शरीफ सहित सालासर बाालाजी के दर्शन करने पैदल जाने की बात को कहा है। टीटोड़ी गांव में इसका प्रकरण सामने आने पर एसडीओ करतार सिंह व प्रघान शिवजीराम मीणा ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए इसका निस्तारण कर दिया।
टीटोड़ी गांव के जाकीर हुसैन पढ़ाई के लिए वर्ष 1991 में अजमेर गए, लेकिन इसके बाद कभी भी गांव नहीं लौटे। उनके लापता होने के बाद उनके नाम की 11 बीघा जमीन का नामांतरण पत्नी जनती बेगम के नाम नहीं हुआ। इससे उसे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। नामांतरण इसलिए अटक गया क्योंकि जाकीर की मृत्यु का कोई प्रमाण नहीं था। मां को परेशान देखकर बड़े बेटे सलीम ने वर्ष 2009 में इस बात का संकल्प लिया कि अपनी जमीन का नामांतरण खुलने पर ही चप्पल पहनेगा। 
टीटोड़ी गांव के स्कूल में सरकार की ओर से राजस्व लोक अदालत शिविर लगाया गया। शिविर में जनती बेगम दोनों बेटों सलीम व जमील के साथ पहुंचीं। जनती बेगम ने जहाजपुर एसडीएम करतार सिंह, प्रधान शिवजीराम मीणा सरपंच राजकुमार जाट को अपनी समस्या बताई। एसडीएम ने तहसीलदार ओमप्रकाश जैन को समस्या समाधान के निर्देश दिए। आठ साल के लंबे इंतजार के बाद जनती दोनों बेटों के नाम जमीन का नामांतरण खुला। मन्नत पूरी होने पर सलीम ने कहा कि अब वह इसी ईद के बाद सालासर बालाजी अजमेर दरगाह शरीफ के दर्शन करने पैदल जाएगा। वहां मत्था टेकने के बाद ही चप्पल पहनेगा। गांव लौटकर प्रसादी का आयोजन करेगा।
जाकीर हुसैन लापता हुए तब सलीम दो साल का था। उसका छोटा भाई जमील गर्भ में था। पति के लापता होने पर पत्नी जनती बेगम ने 11 बीघा जमीन का नामांतरण खुलवाने के लिए विभागों के चक्कर लगाए। अफसर जनती से पति की मृत्यु का प्रमाण या अन्य दस्तावेज मांगते थे। राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन जाकीर हुसैन के नाम पर ही दर्ज थी। इसलिए जनती बेगम को फसली ऋण, पेंशन अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा था। वर्ष 2009 में जनती ने कोर्ट की भी शरण ली। 
मां जनती बेगम ने कहा-बेटे के साथ मैं भी पैदल जाऊंगी सालासर। शिविर में नामांतरण खुला तो जनती बेगम दोनों बेटों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जनती बेगम ने कहा रमजान के महीने में खुदा ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली। मनोकामना पूरी होने पर अब बेटे सलीम के साथ वह भी पैदल सालासर बालाजी दरगाह शरीफ दर्शन के लिए जाएंगी। 
एसडीएम करतार सिंह ने बताया कि टीटोड़ी के जाकीर हुसैन 27 साल से लापता हैं। मृत्यु प्रमाण नहीं होने से नामांतरण अटका था। गुमशुदगी दर्ज होने इसका विज्ञापन अखबार में प्रकाशित होने के 7 साल बाद नामांतरण खोला जा सकता है। हमने सरपंच ग्रामीणों से जानकारी लेकर शिविर में नामांतरण खोल दिया। 
जहाजपुर के टीटोड़ी गांव की जन्नती बेगम के पति के लापता होने 26 वर्ष पूर्व राज्य की वसुंधरा सरकार के न्याय आपके द्वार शिविर में अपनी जमीन का नामांतरण खुल जाने से अब जन्नती व उसके बेटों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा। जमीन का नामांतरण होने पर वो रमजान के पाक माह में अल्लाह का रहमो करम बताते हुए जहां सालासर बालाजी व अजमेर दरगाह पैदल जाने की बात कह रही है वहीं वो मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का आभार ज्ञापित करना भी नहीं भूलती है।