*मधेपुरा:चिकित्सक की लापरवाही से हुई अधेड़ की मौत, आक्रोशित परिजनों ने किया अस्पताल में तोड़फोड़*
👈रविकांत कुमार”दैनिक खोज खबर”मधेपुरा👉
जिले के स्वास्थ्य विभाग के उदासीनता के कारण सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति दिन ब दिन बद से बद्तर होती जा रही है । अस्पतालों की निरीक्षण व चिकित्सको की कार्यशैली की समय समय पर जांच नही होने के कारण चिकित्सक अपनी मनमौजी से बाज़ नही आ रहे है , जिसका खामियाजा गरीबो को भुगतना पड़ रहा है। उदाकिशुनगंज में चिकित्सक की लापरवाही से हुई मौत का मामला अभी ठंडा भी नही हुआ था कि मुरलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बीती रात को चिकित्सक की लापरवाही के कारण एक अधेड़ की मौत हो गयी । मृतक के परिजनों ने चिकित्सक के खिलाप हंगामा शुरू कर दिया और अस्पताल में तोड़ फोड़ किरना शुरू कर दिया । स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल के चिकित्सक एवं अस्पताल कर्मी भाग खड़े हुवे। मोके पर मुरलीगंज पुलिस पहुंचकर स्थिति को काबू कर परिजनों को समझाबुझाकर घर भेज दिया गया।
*क्या है पूरा मामला*
मिली जानकारी अनुसार जिले मुरलीगंज नगरपंचायत के वार्ड संख्या 14 निवासी लगभग 55 वर्षीय मो नीरो अचानक बीमार पड़ा जिसे बेहोसी की हालत में मुरलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। रात के करीब 9:00 बजे अस्पताल पहुँचाने पर कोई भी चिकित्सक मौजूद नही थे , लगभग एक घंटे के बाद डॉ डी पी रमन आए और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मधेपुरा रेफर कर दिया । चिकित्सक के देरी से आने पर आक्रोशित परिजनों ने हंगामा शुरू कर अस्पताल में तोड़ फोड़ करने लगा तभी मौका देख चकित्सक एवं उनके कर्मी भाग खड़े हुवे। तभी घटना की सूचना पाते ही मुरलीगंज पुलिस मौके पर पहुच कर हंगामा को शांत कराया।

*परिजनो ने लगाया चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप*
मृतक मो नीरो के परिजनों ने बताया कि घर पर अचानक मो नीरो को चक्कर आने लगा तभी बेहोसी की हालत में लेकर जब अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सक ड्यूटी पर तैनात नही थे। सहायक कर्मियों ने जांच कर बताया कि रक्तचाप कम होने की वजह से ऐसी हालत हुई है। डॉक्टर साहब कहाँ है पूछने पर उन्होंने कोई जबाब नही दिया और कहा आपलोग शांत रहिये डॉक्टर साहब आते होंगे। लगभग एक घंटे के बाद डॉक्टर साहब आये और सुई लगा कर मधेपुरा ले जाने को कह दिए। जब हमलोगों ने उन्हें उठाने की कोशिश की तो पता चला मो नीरो की मौत हो चुकी थी। डॉक्टर के ड्यूटी पर तैनात नही होने के कारण मौत हुई है।
सूत्रों की माने तो मुरलीगंज अस्पताल में चिकित्सक डॉ डी पी रमन हमेशा अपनी मानी करते है, अस्पताल के गेट के सामने अपने निजी क्लीनिक पर ही ज्यादातर समय व्यतीत करते है। लेकिन अस्पताल के निरीक्षण नही होने के कारण अस्पतालों में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थिति ऐसी है कि अस्पताल में रोगियों के बिस्तर पर चादर तक नही बिछे रहते है। पेयजल, और सर सफाई की समुचित व्यवस्था नदारद रहती है। रोगी को फर्श पर मजबूरन लेटना पड़ता है।
*अस्पताल के कुव्यवस्था पर कहते है जनप्रतिनिधि*
मुरलीगंज अस्पताल के कुव्यवस्था के समंध में कहते है मुरलीगंज प्रखंड प्रमुख मनोज कुमार साह
अस्पताल के कर्मचारियों की लापडवाहि इतनी बढ़ गयी है कि मरीजो से ठीक तरह से बात भी नही करते है, और नही कभी मेनू के अनुसार भोजन दिया जाता है। अस्पताल में शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नही है। चिकित्सक की लापडवाहि से हुई मौत की जांच कर मामले दोसी सभी कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
वही प्रखंड शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह पंचायत समिति सदस्य प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि अस्पताल में चिकित्सक मनमानी करते रहते है, अस्पताल की ड्यूटी छोर अपने निजी क्लीनिक के संचालन में मस्त रहते है। अस्पताल के व्यवस्थापन में काफी अनियमितता बरती जाती है , इन सभी की जांच कर दोषी पर कार्यवाही की जानी चाहिए।
मुखिया प्रतिनिधि सिंगियान बबलू कुमार दास ने भी अस्पताल के व्यवस्थापन और कर्मचारियों की लापडवाहि पर कहा कि जिला के वरीय पदाधिकारी के द्वारा समय समय पर जांच कर विधि व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त किया जाय ताकि गरीबो का समुचित इलाज हो सके।
मनोज कुमार समिति सदस्य हरिपुरकलां कहते है जब भी अस्पताल आता हूँ कभी भी विधिव्यवस्थस ठीक नही पायी जाती है। फ्रेंड्स युवा क्लब के संयोजक रविकांत कुमार ने कहा कि धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक के द्वारा इस तरह की लापरवाही करना अशोभनीय है। अस्पताल के कर्मचारी भी मरीजो से अच्छा व्यवहार नही करते है। डॉ डी पी रमन हमेशा ही अपनी ड्यूटी के प्रति संवेदनशील नही रहते है।
अस्पताल में एक दो चिकित्सक ही अपनी ड्यूटी पर तैनात पाए जाते है। डॉक्टर को धरती के भगवान माने जाते है , इस तरह की लापरवाही बरतनेवाले चिकित्सक के खिलाप कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
जिलाध्यक्ष युवा जदयू रूपेश कुमार गुलटेन ने कहा कि जिले में सबसे बदत्तर स्थिति मुरलीगंज पीएचसी की है। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के कर्तव्यहीनता के कारण मौत हुई है। अस्पताल में आये दिन कर्मचारियों की कर्तव्यहीनता दिनों दिन बढ़ती जा रही है।
*कहते है इंचार्ज चिकित्सा प्रभारी*
अस्पताल के इंचार्ज चिकित्सा प्रभारी डॉ राजेश कुमार ने घटना के समंध में कहा कि मृतक के परिजनों के द्वारा लगाए गए आरोपो में कितनी सत्यता है , मामले की जांच की जा रही है। दोषी पर उचित कार्यवाही करने की अनुसंशा करेंगे।




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