बाबरी केस: अाडवाणी,जोशी और उमा समेत 12 अारोपियों को जमानत
सविता उपाध्याय 
लखनऊ 30 मई। बाबरी केस में फैसला अा गया है। अाडवाणी, जोशी और उमा समेत 12 अारोपियों को जमानत मिल गई है।
दरअसल, बाबरी मामले की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआई अदालत के सामने आज लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत कई बड़े नेता पेश हुए. यहां इन सभी जमानत मांगी, जिसके बाद कोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को निजी मुचलके पर जमानत दे दी. इन पर बाबरी विध्वंस मामले में आरोप तय किए जाने हैं. जमानत पर बहस जारी है. इनके ऊपर बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश करने, दो धर्मों के लोगों के बीच दुश्मनी पैदा करने, धार्मिक भावनाएं भड़काने, राष्ट्रीय एकता को तोड़ने के आरोप हैं. पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा था कि बाबरी मस्जिद गिराने की आपराधिक साज़िश करने का मुकदमा आडवाणी, जोशी के खिलाफ लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में चलेगा.
क्या है मामला
1992: बाबरी मस्जिद गिराने को लेकर दो FIR
कार सेवकों के ख़िलाफ़ FIR
मस्जिद से 200 मीटर दूर नेताओं पर FIR
एक FIR पर लखनऊ की विशेष अदालत में सुनवाई
दूसरा मामला रायबरेली कोर्ट में
एक की जांच CBI को, दूसरी यूपी CID को
1993: 13 नेताओं के ख़िलाफ़ आपराधिक साज़िश की धारा
 दोनों मामलों को लखनऊ कोर्ट ट्रांसफ़र करने की हाइकोर्ट में अर्ज़ी
2001: HC ने कहा, रायबरेली का केस लखनऊ ट्रांसफ़र नहीं हो सकता
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, हाइकोर्ट का फ़ैसला बरक़रार
रायबरेली कोर्ट ने आपराधिक साज़िश की धारा हटाई
2010: हाइकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को बरक़रार रखा
 2011: हाइकोर्ट के फ़ैसले को SC में CBI की चुनौती
2015: पीड़ित हाजी महमूद  ने भी SC में अर्ज़ी दी 
19 अप्रैल 2017: SC का आदेश, आपराधिक साज़िश का मामला चलेगा