टोंक उनियारा परियोजना का सैटेलाइट परिक्षण शुरू
आजाद नेब
जयपुर 17 मार्च। पेयजल संकट से जूझ रहे टोंक-देवली-उनियारा के कस्बों व गांवों के लोगों को जल्द ही बीसलपुर बांध से जलापूर्ति की जाएगी। हालांकि एक साल की देरी के बाद 542 करोड़ रुपए की लागत की बीसलपुर-टोंक-उनियारा पेयजल परियोजना के प्रथम चरण कार्य पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि इसका उद्घाटन अप्रेल में होगा।
इसके तहत राजमहल फिल्टर प्लांट सहित अन्य जगहों पर रंग रोगन का कार्य किया जा रहा है। साथ ही देवली-टोंक पाइप लाइनों का परीक्षण कार्य पूरा हो चुका है। वहीं उनियारा पाइप लाइन परीक्षण कार्य अगले एक सप्ताह तक पूरा हो जाएगा। इन दिनों लाइन के परीक्षण के साथ ही सैटेलाइट परीक्षण का कार्य किया जा रहा है। 
सितम्बर 2012 में स्वीकृत बीसलपुर-टोंक-उनियारा पेयजल परियोजना का निर्माण कार्य 2013 में शुरू हुआ था। योजना को अगस्त 2016 में ही पूरा होना था, लेकिन बजट के अभाव में एक साल की देरी हो गई। दो चरणों में तैयार हो रही परियोजना की कुल लागत 542 करोड़ रुपए है। 
योजना के तहत जिले के टोंक, उनियारा,देवली, दूनी आदि शहरों के साथ ही कुल 436 गांव व कस्बों में जलापूर्ति की जाएगी। इधर, प्रोजेक्ट प्रबंधक दिनेशकुमार ने बताया कि पानी की निकासी, पानी की मात्रा आदि सम्पूर्ण डाटा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए सैटेलाइट का उपयोग किया जाएगा। परियोजना से सम्बन्धित डाटा राजमहल स्थित फिल्टर प्लांट पर उपलब्ध होगा।