जयपुर Air port के विस्तार पर ब्रेक, किशनगढ़ से उड़ेंगी ज्यादा फ्लाइट्स
आज़ाद नेब ब्यूरो चीफ़ दैनिक खोज खबर राजस्थान
जयपुर 21 अप्रैल। मदनगंज-किशनगढ़ अपना किशनगढ़ हवाई अड्डा जयपुर के बाद प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन सकेगा। भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण ने माना है कि जयपुर हवाई अड्डे के विस्तार की संभावनाएं लगभग समाप्त हो चुकी है।
अब प्रदेश में किशनगढ़ हवाई अड्डे के विस्तार पर ही सारा ध्यान केंद्रित रहेगा। इससे न केवल अजमेर-पुष्कर में पर्यटन को बढ़ावा मिल सकेगा बल्कि अजमेर सहित भीलवाड़ा व नागौर जिले में भी व्यापार व रोजगार बढ़ेगा।
प्राधिकरण के अनुसार हवाई यातायात के दबाव के आंकड़ों में सालाना करीब 24 प्रतिशत बढ़ोतरी हो रही है।
ऐसी स्थिति में आने वाले पांच सालों में यहां का हवाई यातायात करीब ढाई गुणा अधिक बढऩे की उम्मीद है। प्राधिकरण इसे ध्यान में रखते हुए ही किशनगढ़ हवाई अड्डे का निर्माण कार्य भी करवा रहा है ताकि भविष्य में यहां अधिक विस्तार किया जा सके।
यह हो चुका कार्य
हवाई अड्डे पर रन-वे, वॉच टॉवर, चार दीवारी, टर्मीनल भवन, सिक्योरिटी हर्ट, फायर स्टेशन, अप्रोच रोड, अप्रोच रोड लाइट, इलेक्ट्रेकल सब-स्टेशन और कंट्रोल टावर समेत अधिकतर महत्वपूर्ण कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
यहीं नहीं टर्मीनल भवन के भीतर सजावट के साथ यात्री सुविधाएं भी स्थापित की जा रही है। 2 किलोमीटर का रन-वे समेत 788 एकड़ जमीन पर हवाई अड्डा बनकर तैयार होने को है।
टर्मीनल भवन में यात्री सुविधा
हवाई अड्डे के टर्मीनल भवन में यात्री सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। हवाई अड्डे और नेशनल हाइवे के बीच की अप्रोच रोड भी तैयार की जा चुकी है। इसके दोनों तरफ हरीयाली रहेगी। स्थानीय लोग यहां मोर्निंग वॉक भी करे सकेंगे।
बोइंग विमान भी भरेंगे उड़ान
रन-वे की क्षमता बढऩे के साथ ही फोर केटेगिरी के हवाई अड्डे के रूप में विकसित हो सकेगा। यहां पर एयरबस 300 व 320 और बोइंग 447 व 427 जैसे बड़े और ज्यादा सवारी क्षमता वाले विमानों की भी आवाजाही शुरू होगी।
फैक्ट फाइल जुलाई में होगी विमानों की ट्रायल लेंडिंग
15 अगस्त को पहली उड़ान शुरुआत में 75 सीटर क्षमता वाले एटीआर 72 और क्यू 400 छोटे 75 सीटर विमान भरेेंगे उड़ान
– भूमि पूजन : सितम्बर 2013
इन रूटों पर होगी हवाई सेवा की संभावना-दिल्ली किशनगढ़, अहमदाबाद चैनई।-कोलकाता, किशनगढ़, मुम्बई।
आने वाले कुछ ही समय में किशनगढ़ के एयरपोर्ट का विस्तार किया जा सकेगा। इसको ध्यान में रखकर निर्माण कार्य किया गया है। जयपुर एयरपोर्ट की विस्तार की संभावनाएं समाप्त हो चुकी है। यहां एयरपोर्ट बनने से अजमेर जिले के उद्योगों, एज्युकेशन एवं पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा। साथ में यहां की रेवेन्यू भी बढ़ेगी।
संजीव जिंदल, महाप्रबंधक एवं इंचार्ज, किशनगढ़ एयरपोर्ट।




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