चंपारण में सभी रोग का इलाज संभव । डा. मोहम्मद परवेज़ 

दैनिक खोज खबर संवाददाता शमीम कमर रेयाजी की कलम से :– आज कल मनुष्य में पाये जाने वाली बिमारियों का वर्णन किया जाये तो मुख्य रूप से पेट संबंधित रोग जैसे गैस,दर्द,अल्सर,अपच लिवर में सूजन हैप्टाइटिस,जोंडिस,किडनी में पथरी एवं छाती रोग आम बात है ।
 जिसके उपचार हेतु अगर सही समय पे चिकत्सक से परामर्श किया जाये तो जिला छोड़ कर बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है । उक्त बातें डॉक्टर्स डे के अवसर पे पूर्व मेडिकल आफिसर RBSY , एवं पूर्व में जगदीश मेमोरियल हॉस्पिटल पटना, रुबन इमरजेंसी हॉस्पिटल पटना, इंलाक हॉस्पिटल मुम्बई में सेवा दे चुके डॉक्टर मोहम्मद परवेज़ बानूछापर फ़कीराना समीप अपने निजी हॉस्पिटल पे संवादाता को बताया । 
संवादाता ने जब डॉक्टर परवेज़ से पूछा की जब बेतिया जैसे शहर में सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं तो रोगी बेतिया छोड़ पटना ,गोरखपुर का रुख क्यों करते हैं ? उन्हों ने उत्तर दिया की सही समय में सही और रोग विशेषगय के संपर्क में न आने से मर्ज़ बिगड़ जाता है फिर आखरी समय में अगर डॉक्टर सही मिल भी जाये तो क्रिटिकल स्तिथि में रेफर ही चारा बच जाता है बेतिया में हर रोग के विशेषज्ञ उपलब्ध हैं मगर गैस्ट्रो का कोई नहीं है । 
डॉक्टर परवेज़ मुम्बई पटना में बड़े बड़े मल्टी फैसिलिटी हॉस्पिटल में नौकरी छोड़ अपने पैतृक जन्म धरती पे सेवा करने हेतु चले आये । आज बानूछापर स्तिथ उनके क्लीनिक पे सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं इमरजेंसी ,ऑक्सीजन, मेडिकल स्टोर अदि और अपनी सेवा दे रहे हैं उनका कहना की यह सच है की डॉक्टर जैसे पेशे को कुछ झोला छाप डॉक्टरों की वजह से बदनामी होती है । परन्तु अगर दिल में जज़्बा उपचार के साथ समाजी सेवा का भी ख़याल हो तो दौलत के साथ इज़्ज़त शोहरत सब मिलती है और जीवन में यही सेवा समाज के बीच अमीट छाप छोड़ जाता है ।