कैमिकल फ्री खेती योजना: सिर्फ 20 रुपए में बनेगी 3000 एकड़ के लिए आॅर्गेनिक खाद
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अमृतसर : एक एकड़ में हजारों रुपए की रासायनिक खाद खपा देने वाले किसान अब सिर्फ 20 रुपए खर्च करके हजारों एकड़ जमीन के लिए खाद बना सकेंगे। यह खाद आर्गेनिक होगी, जिससे फसल जहरमुक्त और उपज भी रसायन वाली खाद के बराबर होगी। यह संभव होने जा रहा हैै केंद्रीय कृषि मंत्रालय की आर्गेनिक खेती योजना से। किसानों को इस रकम से हालिया तैयार बैक्टीरिया (वेस्ट डिकंपोजर) दिया जाएगा, जिससे वह खर-पतवार, गोबर व अन्य वेस्टेज को आर्गेनिक खाद में बदल सकेंगे।
मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर कार्पोरेशन एंड फार्मर्स ने आर्गेनिक खेती को उत्साहित करने के लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और जेएंडके में पहल की है। विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर आरएस हरीश श्रीवत्स की टीम ने पहले अमृतसर के गुरुद्वारा सतलानी साहिब में एसजीपीसी के फार्म का जायजा लिया फिर जिला तरनतारन के सांसद द्वारा गोद लिए गए गांव अलादीनपुर में आर्गेनिक खेती के लिए किसानों को ट्रेनिंग देनी शुरू की है।
इसमें देसी तरीके से खाद बनाना सिखाया जा रहा है। डॉ. श्रीवत्स का कहना है इसमें सब कुछ खेती से ही तैयार किया जाता है। उनका कहना है कि सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत हरेक जिले के गोद लिए गांवों में इस योजना को इम्प्लीमेंट किया जाएगा।
30 मिली. शीशी से ऐसी बनेगी खाद – कृषि वैज्ञानिकों ने आर्गेनिक खेती के लिए हाल ही में वेस्ट डीकंपोजर तैयार किया है। इसमें बैक्टीरिया, फंगस आक्टिनोमाइस आदि को शामिल किया है। 30 मिली. की यह शीशी वैैसे तो 260 रुपए की है मगर किसानों को सिर्फ 20 रुपए में दी जा रही है।
वेस्ट डीकंपोजर को दो किलो गुड़ तथा 200 लीटर पानी में मिक्स करने के बाद चार दिन में घोल तैयार हो जाता है, जिसे गोबर व खर-पतवार में मिक्स करके ढक दिया जाता है और 45 से 60 दिन में आर्गेनिक खाद बन जाती है। हालांकि आम विधि से इसे खाद बनने में पांच से छह महीने लग जाते हैं। 30 मिली के इस बैक्टीरिया से 10,000 टन आर्गेनिक खाद तैयार होती है। कृषि मंत्रालय ने एक एकड़ में इस खाद को 3 टन रिक्मेंड किया है। खाद को कम से कम 3,334 एकड़ में इस्तेमाल किया जा सकेगा।