मांझी(सारण)। सीमा यादव की हत्या में विफल अपराधकर्मियों ने कहीं उसके छह वर्षीय पुत्र की हत्या तो नही कर दी। बुधवार को मांझी पीएचसी में मिलने पहुंची सीमा अपनी मां से लिपट कर रो पड़ी। उसने आशंका जताई कि उसका प्रेमी सुनील तिवारी उसकी भी हत्या कर सकता है!मालूम हो कि घटना के बाद से आरोपी सुनील समेत पुत्र भी अबतक लापता है। मांझी पुलिस ने पीड़िता व बलिया जिले के दोकटी थाना क्षेत्र के बहुआरा निवासी बीरेन्द्र यादव की पुत्री सीमा यादव के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली हैं। दर्ज प्राथमिकी में पुलिस ने सुनील तिवारी के अलावा उसके छोटे भाई छोटू तिवारी तथा रिश्तेदार प्रेम शंकर तिवारी व वाहन चालक को नामजद किया है। आठ वर्ष पूर्व सीमा की शादी बलिया के चांद दियर निवासी रमाशंकर यादव के पुत्र बिनोद यादव से हुई थी। वहां भी सुनील आता जाता था। जिसे लेकर परिजनों में अक्सर विवाद होता था। लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व सुनील ने सीमा के पति बिनोद को मारकर आंख फोड़ दिया। तथा ढाई वर्ष के पुत्र समेत सीमा को भगा ले गया। और सोमवार को योजना बद्ध तरीके से छपरा के गुदरी स्थित कथित डेरा पर पहले जहरीला ऑल आउट पिलाया। फिर डॉक्टर से दिखाने बलिया ले जाने का बहाना बनाकर अर्धबेहोशी की अवस्था में अपनी चारपहिया में उसका गर्दन दबाकर मुँह पर कपड़ा बांध दिया तथा रस्सी से हाथ बांध कर पचास फुट नीचे सरयू की तेज धारा में फेंक दिया गया। ईश्वर का शुक्र था कि पानी में किसी के गिरने की सूचना पाकर मछुआरे नाव लेकर सीमा को तत्काल बाहर निकाल लिया तथा पुलिस के हवाले कर दिया। सीमा के अनुसार आरोपी सुनील तिवारी दबंग तथा सुखी सम्पन्न परिवार से आता है तथा वह दुबारा भी उसपर जानलेवा हमले करा सकता है। पहले भी मारने की कोशिश कर चुका है सुनील। तब सीमा के परिजनों ने बलिया के दोकटी थाना में उसपर मुकदमा भी किया। तथा कथित रूप से उस मुकदमें में जेल भी जा चुका है। आरोपी स्कूल का संचालक भी है तथा शराब व बालू माफिया के रूप में उसकी अपनी पहचान है। फिलहाल पीड़ित को महिला हेल्प लाइन भेजने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने की फिराक में है मांझी पुलिस।