सिवान :सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिखी बिहार की गौरव गाथा
#परवेज अख्तर, सिवान: बिहार दिवस के अवसर पर गुरुवार की शाम टाउन हॉल में जिला प्रशासन द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्धाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश, जिलाधिकारी महेंद्र कुमार, एसपी नवीनचंद्र झा ने किया। कार्यक्रम में कला निकेतन, नृत्योदय, इप्टा के अलावा कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय, विज्ञानानंद केंद्रीय विद्यालय चनौर, थिरकन डांस एकेडमी के प्रतिभागियों ने अपनी कला से लोगों की खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम की शुरुआत नृत्योदय के कलाकारों द्वारा सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विशेष आकर्षण कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय जीरादेई के छात्राओं ने- ए बिहार की धरती तुझ पे जीवन कुर्बान है…समूह नृत्य से बिहार दर्शन करा सबका मन मोह लिया। नृत्योदय के कलाकारों द्वारा सरस्वती वंदना एवं बिहार की पारंपरिक गीतों के साथ जय बिहार नृत्य प्रस्तुत किया गया। वहीं इप्टा द्वारा समूह नृत्य नाटिका भी लोगों के बीच प्रस्तुत किया गया। कला निकेतन की कलाकार द्वारा समूह नृत्य एवं जीत प्रस्तुत किया गया। कला निकेतन की कलाकार अनीशा मिश्रा ने सामाजिक कुरीतियों पर आधारित गीत- सैंया मिले लड़कैया में मैं क्या करूं…,रोटी भात पकाइब नाही दहेज देके किनले बानी तोहके सजनवा ने भी दर्शकों की वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम के अंत में थिरकन डांस एकेडमी के बच्चों ने- जय गणेशा जय गणेशा… पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं संगीत कला विकास परिषद के कलाकारों द्वारा नोक नृत्य झूमर की प्रस्तुति की गई। जिसका बोल- रूनु झुन्नू बाजे पायलिया ये राजा चढ़ते अटरियाना… सभी को झूमने को मजबूर कर दिया। इस गाने की प्रस्तुति शिल्पी, शिखा, रेखा, प्रियंका आदि ने की। निदेशक आदित्या एवं संगीताचार्य रामानुज मिश्र, संगीत शिक्षक मनोज कुमार मिश्र का भी सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। इस अवसर पर जिले के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के सफल बनाने में समिति के सदस्य निरंजन कुमार, तप्ती वर्मा, प्रो. एसरार, विजय शंकर पांडेय, सुरेश कुमार, ऋषि राज, अभिषेक श्रीवास्तव का विशेष सहयोग रहा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने ले लिया फूहड़ता का रूप
टाउन हॉल में गुरुवार की शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन जैसे ही कार्यक्रम के मध्य में पुरुष कलाकार द्वारा लड़की का रूप धारण का फूहड़पती करते हुए अश्लील नृत्य पेश किया गया कार्यक्रम की सारी कमियां सरेआम लोगों के सामने आ गई। अश्लील नृत्य देख वहां उपस्थित महिला दर्शक एवं पदाधिकारी कार्यक्रम छोड़ निकल गए। इतना ही नहीं इस बार बिहार दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रम में एक ही संस्था से पांच-छह कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिससे अन्य संस्थानों के कलाकारों में रोष था। इप्टा के सचिव मो. इजहार ने कहा कि इस बार मनमानी की गई है। जिला प्रशासन ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि बनाए गए कार्यक्रम के अनुरूप कार्यक्रम नहीं हुआ। इन्होंने बताया कि मंच संचालक विजय कुमार को कार्यक्रम में बने सूची के अनुसार मंच संचालन करना था लेकिन उन्होंने मंच छोड़ा ही नहीं। इन्होंने यह भी बताया कि इस बार कैसे कार्यक्रमों का चयन हुआ है इस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष का भी ध्यान नहीं गया।




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