सारण :मक्का के फसल में दाने नहीं आने से किसान मायूस
#रिपोर्ट-दीपक कुमार सिंह /परसा

परसा:किसानो की जीवन एक जुआ के सामान होने के बाद भी अगले भविष्य पर उम्मीद लगाकर काफी परिश्रम और मेहनत के बदौलत किसानो ने गत नवम्बर में मक्के की खेती किया।मक्के की सम्पूर्ण देख भाल और ससमय दावा सिंचाई कर तैयार किया गया।लेकिन किसानो को क्या पता की प्राकृतिक का कहर को भुगता पड़ेगा।मक्के की फसल में दाना नही पकड़ने से त्राहिमाम किसानो की आर्थिक छति के साथ अरमानो पर पानी फिर गया।मक्के की फसल में दाना नही लगने की प्राकृतिक कहर के शिकार प्रखंड के आधा दर्जन किसान हुआ है।प्रखंड के मारड़ पंचायत के दिघरा गाँव निवासी किसान संतोष शर्मा पुलिस राय तथा राम चंद्र राय के लगभग सात एकड़ में लगा मक्के की फसल में दाना नही लगने से किसान को आर्थिक नुकसान के साथ आर्थिक आय के उम्मीदों पर पानी फिर गया।मक्के की फसल में दाना नही लगने पर किसान संतोष शर्मा पुलिस राय तथा राम चंद्र राय ने बीएओ सत्यनारायण राय को आवेदन देकर जाँच करने तथा सरकार से छतिपूर्ति राशि दिलाने की गुहार लगाया है।आवेदन में बताया गया है कि परसादी दियारा में संतोष शर्मा ने डेढ़ एकड़ पुलिस राय ने चार एकड़ तथा राम चंद्र राय ने डेढ़ एकड़ में मक्के की खेती किया था।जो गत नवम्बर माह में पायनियर कंपनी के 3522 नमक प्रचलित बीज लगाया गया था।मक्के का फसल की बृद्धि और लहलहाती हरी भरी फसल को देख किसानो के चहरे खिल उठे थे।अच्छी पैदवार होने की उम्मीद जगी थी।लेकिन जब मक्के को बलिया तैयारी होने पर किसानो ने भुट्टा खाने के लिए मक्के को घर ले गया तो देखा गया कि किसी भी मक्के की बलिया में दाना नही लगा है।यह देख किसानो के पैरों तले जमीन खिसक गई।आनन् फानन में खेत में पहुँच खेत में लगे कई मक्के के बलिया को चीर कर देखा गया।किसी में दाना नही दिखा।जिससे किसानो के चेहरे पर मायूसी की लकीर पड़ गया।फसल लगाने में हुई आर्थिक लगत और फसल से होने वाली आय प्राकृतिक की कहर ने किसानो को झेलने पर मजबूर कर दिया।




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