सारण : मकर संक्रांति पर ब्रह्म आश्रम में आस्था में डुबकी लगाने श्रधालुओं की उमड़ी सैलाब
#चुरा दही के महा भंडारे में हजारों की संख्या में भक्तों ने ग्रहण की प्रसाद

छपरा / डोरीगंज
मकर संक्रान्ति के अवसर पर विहार के विभिन्न जिलों के अलावा ,यूपी,एमपी,झारखण्ड, बंगाल से हजारो की संख्या में भक्त अौर संत छपरा के रौजा स्थित ब्रह्म आश्रम मे पहुचे है। शहर से सटे रौजा के इस ब्रह्म विद्यालय सह आश्रम में चूड़ा दही का महाभंडारा आयोजित किया गया जिसमे करीब ढाई हजार लोगो ने प्रसाद ग्रहण किया । इस अवसर पर भक्तो को संबोधित करते हुए स्वामी सत्यानंद परमहंस और स्वामी व्यासनन्द जी महाराज ने मकर संक्रांति के महत्व को बताते हुए ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन से सूर्य की उत्तरायण गति प्रारंभ होती है I इसलिए इसको उत्तरायणी भी कहते हैं । इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक क्रियाकलापों का विशेष महत्व है ।

अपने प्रवचन में बोलते हुए स्वामी सत्यानन्द जी महाराज ने कहा कि गुरु की विशेष कृपा से लोगों को सत्य का मार्ग पता चलता है । व्यक्ति किताबों से ढेर सारा ज्ञान प्राप्त करके भी अध्यात्मिक ज्ञान से दूर रहता है I उन्होंने मकर संक्रांति पर कहा कि मकर संक्रांति से सूर्य का उत्तरी गोलार्द्ध की ओर आना शुरू हो जाता है । अत: इस दिन से रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैं । सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही सभी शुभ और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते है

#भंडारे में करीब 3 हजार लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद
भंडारे में संतों के साथ काफी संख्या में भक्तो भी शामिल हुए। विहार के बिभिन्न जिलों और अन्य प्रदेशों से करीब 3000 से अधिक लोगों ने चुरा दही के महाभंडारे का प्रसाद ग्रहण किया । इस भंडारे में श्रद्धलु महिलाओं की संख्या भी काफी थी जो आश्रम में सेवा भाव से जूठे वर्तन को साफ करने तथा भंडारे की वस्तुओं तैयार करने में तल्लीनता से जुटी दिखी । श्रधालुओं की सेवा मे मढौरा के डा. बीके सिंह,सोनू सिंह,सुनील मिश्रा,सुरेन्द्र साह सहीत अन्य सक्रिय रहे ।




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