सारण :अनियंत्रित वाहन की चपेट में आने से पुजारी के पुत्र की मौत
⏺️ पूजा के लिए फूल तोड़कर राहुल  जा रहा था मंदिर
⏺️आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम, एसडीओ के पहुँचने पर तीन घंटे बाद हटा जाम
दैनिक खोज खबर ब्यूरो सारण 
तरैया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 
             तरैया  थाना क्षेत्र के डेवढ़ी गाँव में बुधवार की अहले सुबह अनियंत्रित वाहन की चपेट में आने से एक मंदिर के पुजेरी के युवा पुत्र की मौत हो गई. आक्रोशित ग्रामीणों ने तरैया-मढ़ौरा एसएच 73 को डेवढ़ी शिवमंदिर के सामने शव को रख जाम कर दिया. एसडीओ मढ़ौरा के आश्वासन के बाद करीब तीन घंटे बाद सड़क जाम हटा और यातायात बहाल हो सका. पुलिस शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए छपरा भेज दी. मिली जानकारी के अनुसार डेवढ़ी तख्त निवासी व डेवढ़ी शिव मंदिर के पुजेरी अशोक पाठक का युवा पुत्र राहुल पाठक बुधवार की अहले सुबह मंदिर में पूजा करने के लिए फूल तोड़कर जा रहा था कि एक अनियंत्रित व अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया. ठोकर मार चालक वाहन ले कर भागने में सफल रहा. सुबह में महिलाएं शौच के लिए बाहर निकली तो पुजेरी के जख्मी पुत्र को सड़क किनारे पड़े हुए देखी और शोर मचायी. हल्ला सुन आस पास के लोग दौरे तथा जख्मी युवक को मढ़ौरा अस्पताल ले गए. जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. आक्रोशित ग्रामीण शव को डेवढ़ी शिव मंदिर के सामने एसएच 73 पर रख कर सड़क को जाम कर दिया सड़क जाम होने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई. सुचना पाकर तरैया थाना पुलिस मौके पर पहुँच शव को कब्जे में लेने का प्रयास की लेकिन लोग मुआवजे की मांग पर अड़े रहे. डेवढ़ी के सरपंच प्रतिनिधि शत्रुघ्न सिंह, तरैया थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, तरैया बीडीओ राकेश कुमार सिंह समेत अन्य लोग आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग उनकी एक न सुनी व जाम स्थल पर जमे रहे. सूचना पर पहुंचे मढ़ौरा एसडीओ संजय कुमार राय के द्वारा पारिवारिक लाभ की राशि व स्थानीय मुखिया द्वारा कबीर अंत्येष्ठि की राशि प्रदान किया गया तथा अन्य सरकारी सहायता प्रदान करने के आश्वासन के बाद लोग जाम हटाये. करीब तीन घंटे के बाद सड़क जाम हटने के बाद यातायात बहाल हुआ. पुलिस शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरिक्षण के लिए छपरा भेज दी. वहीं सूचना पर पहुंचे तरैया विधायक मुद्रिका प्रसाद राय ने मृतक के पिता व पूजेरी अशोक पाठक तथा परिजनों से मिल सांत्वना दिया तथा हर संभव सरकारी सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया. अपने द्वितीय पुत्र के ठोकर से मौत की सूचना पर पुजेरी व उनकी पत्नी का रो रोकर बुरा हाल हो गया था. लोग उन्हें धैर्य से काम लेने का सलाह दे रहे थे. बता दें उक्त मंदिर परिसर में दुर्गा मंदिर भी है जहाँ चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की मूर्ति रखा गया है और कलश भी स्थापित है. दोनों समय पूजा अर्चना हो रहा है. आज चैत्र रामनवमी के पूजा के लिए भीड़ उमड़ने वाली थी लेकिन होनी को कुछ और हीं मंजूर था.मंदिर परिसर में मातम सन्नाटा पसरा हुआ है.