सारण:पाकिस्तान से लौटी गीता ने मढौरा के दावेदार दंपति  को पहचानने से की इंकार, मो.ईशा के दावे को लगा झटका 
#मनोकामना सिंह की रिपोर्ट 

मढौरा (सारण)
स्थानीय प्रखंड के मिर्जापुर निवासी मो.ईशा के दावे को पाकिस्तान से लौटी गीता उर्फ गुड्डी ने पहचानने से इंकार किया। सोमवार को इंदौर के गुमास्ता नगर स्थित आनंद मूक बधिर संगठन में मो. ईसा और उनके परिजनों को लगभग 15 मिनट आमने-सामने रख पहचान कराने की कोशिश की गयी । लेकिन गीता उर्फ गुड्डी ने मो.ईसा और उनकी पत्नी जुलेजा खातून को अपनी मां बाप मानने से इंकार करती रही । मूक बधिर संगठन के  के संचालक ज्ञानेंद्र पुरोहित से मिली जानकारी के आनुसार मो.ईसा के मुस्लिम परिवार है,  जिसको गीता ने नहीं स्वीकारी और आव भाव से लगा की गीता का मानना है की मैं मुस्लिम परिवार से नहीं हूँ ।  जब गीता उर्फ गुड्डी के  पहचाने से इंकार कारने पर डीएनए के लिये सैम्पल लिया गया । मिली जानकारी के आनुसार मढौरा से मो.ईसा के साथ उनकी पत्नी जूलेना खातून , बेटा हिम ताज और एक बेटी असमां खातून भी इंदौर पहुंची हुई थी । सूत्रों से मिली जानकारी से अन्य  दो दंपति का भी  डीएनए टेस्ट होने वाला था । ये दो  दंपति, महाराष्ट्र स्थित अहमदनगर के सुरेखा पति जयसिंह कारभारी और जमतारा झारखंड के सोखा किश्कु इंदौर बतये गये हैं। खबर  के मुताबिक दोनों दंपति की भी गीता से मुलाकात कराई जानी थी । लेकिन उनके भी दावे का क्या हुआ पुरी जानकारी नहीं मिल पायी है । 
*👉अब तक एक दर्जन से अधिक लोग कर चुके हैं दावा*
दो साल पहले अक्टूबर 2015 में पाकिस्तान से गीता के भारत लौटने के बाद से अब तक बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड समेत देश के विभिन्न् हिस्सों से एक दर्जन से अधिक लोग गीता के माता-पिता होने का दावा कर चुके हैं। इनमें कई का डीएनए टेस्ट भी हो चुका है। एक-एक कर सारे दावे खारिज होते गए।
इस बीच गीता को उसके मां-बाप अब तक नहीं मिल सके हैं। उधर, विदेश मंत्रालय ने गीता को उसके मां-बाप से मिलवाने वाले के लिए एक लाख का इनाम भी घोषित कर रखा है। इंदौर के जिस एनजीओ में गीता रह रही है । वो 43 साल पुरानी 1974 के स्थापित मूक बधिर संस्था है । इसके कैम्पस में स्कूल , कॉलेज और हॉस्टल भी है । समाजिक न्याय विभाग से अनुदानित आनंद मूक बधिर संगठन में नर्सरी से बी.ए., बी.कॉम. और बी.एस.सी.की पढ़ाई होती है । देश के इस विश्वसनीय संस्था का मानना है कि गीता के हाव-भाव व रहन-सहन को देखकर लगता है कि उसका संबंध बिहार या झारखंड से हो सकता है।