सामुदायिक जागरूकता में मीडिया दे रहा योगदान, माता बैठक से टीकाकरण के प्रति जागरूक हो रही महिलाएं• टीकाकरण के प्रति बढ़ रही है जागरूकता
• ख़बरों से प्रेरित होकर महिलाएं पहुँच रही टीकाकरण स्थल
• मीडिया के सहयोग से सफल हुआ प्रथम चरण
छपरा /7 जनवरी: नियमित टीकाकरण से वंचित 2 साल तक के बच्चे एवं गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित करने के उद्देश्य से जिले में सघन मिशन इन्द्रधनुष 2.0 का दूसरा चरण चलाया जा रहा है. यह 6 जनवरी से जिले के 6 प्रखंडों में चलाया जा रहा है. जहाँ जिले के सिविल सर्जन डॉ. मधेश्वर झा ने इस अभियान के प्रथम चरण की सफलता का श्रेय मीडिया को दिया है. वहीँ मांझी प्रखंड के पिलुई गांव के एएनएम शालिनी कुमारी एवं पिलुई गांव निवासी निशा कुमारी ने भी अभियान को लेकर प्रकाशित खबरों को समुदायिक जागरूकता का कारण बताया है.
माता बैठक में टीकाकरण की जानकारी:
जिले में टीकाकरण के प्रति गांव के महिलाओं में भी जागरूकता बढ़ रही है। महिलाएं खुद टीकाकरण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों व नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रही है। इसका मुख्य कारण है जागरूक होना। जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों पर माता मीटिंग का आयोजन किया जाता है। जिसमें गांव की सभी महिलाओं को आमंत्रित किया जाता है और टीकाकरण के बारे में उन्हें जानकारी दी जाती है। महिलाओं को जानकारी दी जाती है कि अगर घर में कोई महिला गभर्वती है या फिर कोई बच्चा है जिसे टीका नहीं लगा है तो उसे टीकाकरण के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पर लेकर आयें। साथ ही आस-पास के लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने की अपील की जाती है।अभियान में मिला मीडिया का सहयोग:
मांझी प्रखंड के पिलुई गांव के एएनएम शालिनी कुमारी ने बताया सघन मिशन इंद्रधनुष 2.0 अभियान के प्रथम चरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया। इसका मुख्य कारण है लोगों में जागरूकता। इस अभियान के दौरान मीडिया व अखबारों लगातार ख़बरें प्रकाशित होती रही। जिससे गांव के लोगों को टीकाकरण के बारे में जानकारी मिली. इसके कारण सघन मिशन इंद्रधनुष 2.0 अभियान के प्रथम चरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने में आसानी भी हुयी.पति ने खबर पढ़कर दी जानकारी :
मांझी प्रखंड के पिलुई गांव निवासी गुड्‌डू साह की पत्नी निशा कुमारी ने बताया वह चार महीने से गर्भवती है. लेकिन उनका टीकाकरण नहीं हुआ था. एक दिन उनके पति ने अखबार में अभियान को लेकर चलाये जा रहे टीकाकरण की खबर पढ़ी. खबर पढने के बाद ही उन्होंने निशा को आंगनबाड़ी केंद्र पर टीका लगवाने की सलाह दी. वह बताती हैं कि वह एएनएम से संपर्क की और आंगनबाड़ी केंद्र जाकर टीका लगवाया। अब वह हमेशा एएनएम की संपर्क में रहती है. इससे उन्हें प्रसव पूर्व जाँच की जरूरत के विषय में भी पर्याप्त जानकारी मिली है.सामूहिक सहभागिता से लक्ष्य होगा हासिल:
सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा सघन मिशन इंद्रधनुष 2.0 अभियान के प्रथम चरण में 112 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हुआ। इसमें मीडिया का सबसे ज्यादा सहयोग रहा। लगातार टीकाकरण को लेकर खबरें प्रकाशित की गयी। जिससें आमजनो में टीकाकरण के प्रति जागरूकता आयी और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने में सफल हुए। मैं उम्मीद करता हूं कि आगे भी इस तरह का सहयोग बना रहे। सामूहिक सहभागिता से ही किसी अभियान को सफल बनाया जा सकता है।