सात करोड़ मन्त्रो में उत्तम तारतम्य मन्त्र या कृष्ण तत्व को जानने वाले गुरु से हो दीक्षा ग्रहण करे:गोविन्द जी महाराज
तरैया(सारण)12अप्रैल2018:
वाईडीबीएस कॉलेज परिसर में श्री कृष्ण प्रणामी धर्म श्री प्राण नाथ सेवा आश्रम ट्रष्ट के संत गोविंद जी महाराज ने भागवत कथा एवम योग विज्ञान शिविर तरैया में भागवत कथा के दौरान भागवत ज्ञान प्राप्त किये भक्तो के लिए गुरुवार को दीक्षा समारोह का आयोजन किया।जिसमें सैकड़ो भक्तो ने दीक्षा लेकर सच्चितनंद श्री कृष्ण की भक्ति करने का संकल्प लिया।तथा हजारो लोगो ने नशा मुक्त,पाप मुक्त ,हिंसा मुक्त, होने का संकल्प लिया ।ऐसे लोगो को अपने निजस्वरूप का बोध करने हेतु गोविंद जी महाराज ने भक्तो को सात करोड़ मन्त्रो में उत्तम तारतम्य मन्त्र की दीक्षा प्रदान किया ।इस अवसर पर गोविंद जी महाराज ने कहा कि जो मनुष्य अपने आत्मा के स्वामी अक्षरातीत पुरुषोत्तम श्री कृष्ण के अनन्य प्रेम भक्ति रस से परिपूर्ण है उसका जीवन धन्य हैं प्रत्येक मनुष्य को समय रहते ही अपने आत्मा के उद्धार हेतु अपने दैनिक जीवन मे पुरुषोत्तम भगवान की भक्ति को प्रमुखता से स्थान देना चाहिए अन्यथा ऐ दुर्लभ मनुष्य तन के द्वारा दुर्लभ भक्ति न करने के कारण मनुष्य अपने निजधाम परमधाम को न प्राप्त होकर संसार रूपी अरण्य में भटक जाता है ।इसलिये आत्म उद्धार के इच्छुक भक्तो को पुरुषोत्तम भगवान श्री कृष्ण के रस तत्व को जानने वाले गुरु से ही तारतम्य मन्त्र की दीक्षा ग्रहण करना चाहिए ।एहि भवसागर से पार जाने का सेतु है ।समस्त देवी देवता ऋषि मुनियों ने भी भगवान श्री कृष्ण की आराधना को ही उत्तम भक्ति माना है।