संत रविदास के आदर्शों को जमीन पर उतार रही केन्द्र सरकार: मोदी

वाराणसी, 19 फरवरी (हि.स.) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को प्रख्यात समाज सुधारक संत रविदास की दर पर मत्था टेका। संत शिरोमणि के 642वीं जयंती पर उनके जन्मस्थान सीर गोवर्धनपुर पहुंचे प्रधानमंत्री ने रविदासी रीति रिवाज, पूरे श्रद्धाभाव से सिर पर साफा बांध संत रविदास के प्रतिमा के समक्ष मत्था टेका और आंखे बंद कर उन्हें नमन किया। इसके बाद मंदिर के गर्भगृह की परिक्रमा कर स्वर्ण पालकी का भी दर्शन किया।

इस दौरान सत्संग स्थल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु रविदास की कृपा से अपना वादा निभाने आपके बीच आया। साल 2016 में आज के ही दिन यहां आने का सौभाग्य मिला था। तब मैंने इस प्रांगण को विकसित करने और इसके सौन्दर्यीकरण की बात कही थी, जिसकी मांग दशकों से हो रही थी, सरकारें आती गई लेकिन मांग पूरा नहीं किया गया । आज इन सभी कार्यों का शुभारंभ हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जब योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सरकार बनी तो मैने उनसे मंदिर के विकास के लिए डीपीआर बनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 50 करोड से विस्तारीकरण और सुंदरीकरण की गई। बीएचयू से सड़क को सजाया संवारा जाएगा। यहां पर 12 किलोमीटर का एक और रास्ता बनेगा। मंदिर परिसर में गुरु रविदास की कांसे की प्रतिमा और कम्यूनिटी हाल बनेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद यहां आने वाले लाखों लोगों को सारी सुविधा एक जगह मिलेगी। जीवन आसान बनाने वाली अनेक परियोजनाएं आज से शुरू हो रही हैं। इनका लाभ समाज के हर वर्ग को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने भावपूर्ण अंदाज में कहा कि सरकार का हर कदम गुरु रविदास की भावना के अनुकूल है। साढ़े चार साल के केन्द्र सरकार के कार्यकाल में सबका साथ-सबका विकास के भाव से सभी की आर्थिक और पारिवारिक स्थिति सुधारने के भाव को सरकार जमीन पर उतार रही हैं।

प्रधानमंत्री ने केन्द्र सरकार के जनकल्याण कारी योजनाओं का विस्तार से उल्लेख कर कहा कि सरकार देश के 12 करोड़ किसान परिवारों को हर वर्ष छह हजार की सीधी मदद कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी अनेक योजनाएं हैं जो समाज के उस वर्ग को उपर उठाने के लिए है जो वंचित थे। कोई जात न कोई वर्ग न संप्रदाय सभी को सरकार के योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। संत रविदास के एक दोहे का उल्लेख कर कहा कि जाति केले के पत्तों की तरह है। जातियों में भी जातियां हैं। ऐसे में जब तक जाति के नाम पर भेदभाव होगा। तब तक एक दूसरे से नहीं जुड पाएंगे समरसता एकता नहीं आएगी। गुरु के दिखाए रास्ते पर हम चलते तो आज का भारत जातियों के नाम पर अत्याचार से मुक्त होता। मगर दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने भरोसा जताया कि नया भारत में यह स्थिति बदलेगी। आज डिजिटल युवा सामाजिक बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों के नेताओं का नाम न लेते हुए उन पर सीधा हमला बोल कर कहा कि हमें उन लोगों के स्वार्थ को पहचानना होगा जो राजनीतिक स्वार्थ के लिए जात-पात को उभारते हैं। इसके कारण देश समाज को बड़ी हानि हुई है। गुरू का उल्लेख कर प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने एक और बुराई की ओर ध्यान दिलाया बेइमानी दूसरी बुराई है। दूसरे का हक मारना गलत है। सच्चा श्रम ही ईश्वर का रूप होता है। ईमानदारी की कमाई से सुख शांति मिलती है। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी, बेनामी संपत्ति, काले धन पर सरकार के कार्यो का जिक्र कर कहा कि भारत में यह चलता है इस तरह की मानसिकता थी। बेइमानी के लिए भ्रष्ट आचरण के लिए कोई स्थान नहीं। जो अपने श्रम से आगे बढना चाहता है सरकार उसके साथ खडी मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल में आपने देखा होगा जो ईमानदारी से कर देते हैं ऐसे करोडों मध्यम वर्ग के साथियों को पांच लाख की आय तक कर मुक्त कर दिया गया है। सरकार ने ईमानदारी का सम्मान किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सभी भाग्यशाली हैं जिनको संतों का मार्ग दर्शन मिला है। गुरुओं का ज्ञान महान परंपरा पीढ़ियों को रास्ता दिखाती रहे। मगहर यात्रा सारनाथ सहित पवित्र स्थानों के विकास कार्यों को बताया। उन्होंने कहा कि गुरुनानक देव की स्मृतियों को भी संरक्षित किया जा रहा है। सबको सम्मान मिले इसके लिए सरकार समर्पित है। हमारी धरोहर शक्ति और प्रेरणा है।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने डेरा सच्चाबल खंड जालंधर के पीठाधीश्वर निरंजन दास का पैर छूकर और बीस करोड़ रविदासी भक्तों के प्रति आदर भाव दिखा लोगों के दिल को जीत दिया। प्रधानमंत्री के व्यवहार से प्रसन्न लाखों रविदासी श्रद्धालु देर तक तालियां बजाते रहे।
इसके पूर्व प्रधानमंत्री के मंदिर में पहुंचने पर संत रविदास जन्मस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी मंदीप दास,सुरेन्द्र दास ने स्वागत किया। मंदिर प्रबन्धन से जुड़े पदाधिकारियों ने सत्संग के मंच पर प्रधानमंत्री को अंग वस्त्रम स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। सत्संग स्थल के मंच से ही प्रधानमंत्री ने संत निरंजनदास के साथ प्रधानमंत्री प्रसाद योजना के तहत लगभग 50 करोड़ की लागत से संत रविदास जन्मस्थली के विकास कार्यों की बटन दबाकर आधारशिला भी रखी। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल रामनाईक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्रनाथ पांडेय, केन्द्रीय मंत्री विजय सांपला,प्रदेश की कैबिनेट मंत्री डा. रीता बहुगुणा जोशी भी मौजूद रही।
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[ इनपुट : PARMAR MEDIA/ HINDUSTHANSAMACHAR]