रोक के बावजूद संत जेवियर साहिबगंज में हो रहा नामांकन
दैनिक खोज ख़बर के लिए झारखण्ड से रितुराज की रिपोर्ट : साहिबगंज शिक्षा विभाग के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए संत जेवियर स्कूल प्रबंधन नए सत्र में बच्चों का नामांकन ले रहा है। जिला शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। स्कूल बंद करवाने के लिए सरकार को रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के नियम 19 व 25 में निहित मापदंडों के उल्लंघन के आरोप में जिला शिक्षा विभाग ने संत जेवियर सहित जिले के 112 निजी स्कूलों को स्पष्टीकरण पूछते हुए नए सत्र में नामांकन नही लेने का निर्देश जारी किया था। हालांकि संत जेवियर स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग के इस आदेश को ठेंगा दिखा दिया। स्कूल में नए सत्र में नामांकन के लिए चयन सूची जारी करते हुए नामांकन लेना शुरू कर दिया है। हालांकि इसके पहले स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग को स्पष्टीकरण दे दिया है।
नामांकन नहीं लेने की भेजी गई थी नोटिस:-जिला शिक्षा विभाग ने संत जेवियर सहित जिले के तमाम प्राइवेट स्कूलों को नोटिस भेजते हुए कहा था कि शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। साथ ही नए सत्र में नामांकन नही लेने का निर्देश दिया गया था।
क्या है आरटीई के नियम 19 व 25 का मापदंड :-शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के नियम 19 के अनुसार प्रशासनिक अनुमति हासिल किए बिना निजी स्कूल का संचालन नहीं किया जा सकता। आरटीई नियमों के प्रभावी होने से पहले से स्थापित स्कूलों को तीन वर्ष की अवधि के अंदर इन मानक व मापदंडों को पूरा करना होगा। अन्यथा वैसे प्राइवेट स्कूलों को चिह्नित कर उसकी मान्यता रद की जाएगी। वहीं नियम 19 के तहत तीस छात्रों पर एक शिक्षक रहना चाहिए। इसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है। संत जेवियर जैसे स्कूल में एक सेक्शन में 60 से 65 बच्चों का नामांकन लिया जाता है। नामांकन के लिए एक सेक्शन में 40 बच्चों की सूची जारी की जाती है, लेकिन जानकार बताते हैं कि जारी सूची के अलावे हॉस्टल के 20 से 25 बच्चों को प्रति सेक्शन नामांकित किया जाता है। स्कूल के कुछ पुराने छात्रों का आरोप है कि भारी भरकम फीस वसूले जाने के बाद भी स्कूल प्रबंधन अधिक से अधिक छोटे बच्चों को एक ही सेक्शन में ढकेल कर शिक्षा देने के नाम पर महज खानापूर्ति करती है।
नोटिस का संत जेवियर स्कूल प्रबंधन ने दिया जवाब :-आरटीई के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप पर विभाग को सौंपे अपने स्पष्टीकरण में संत जेवियर स्कूल प्रबंधन ने कहा है कि स्कूल को अल्पसंख्यक स्कूल का मान्यता है और इसपर आरटीई के प्रावधान लागू नहीं होते। सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई 2014 को इस संबंध में आदेश भी पारित किया है। वहीं विभाग की मानें तो इस जवाब के सहारे स्कूल प्रबंधन नहीं बच सकती। क्योंकि इस संबंध में विभाग को झारखंड सरकार की ओर से कोई भी निर्देश प्राप्त नही है।
‘आदेश की अवहेलना कर नए सत्र में नामांकन लिए जाने के कारण संत जेवियर स्कूल प्रबंधन से स्पष्टीकरण पूछा जा रहा है। सरकार को इसकी रिपोर्ट भेजते हुए स्कूल बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। जयगोविंद सिंह, डीएसई, साहिबगंज।