
पटना : हमारा संस्कार सर्वे संतु निरामया का है। भारतीय संस्कृति संपूर्ण विश्व के सुख शांति की कामना करती है। हमारे चिंतन में व्यष्टि से समष्टि तक का विचार किया गया है। सबसे साम्य बिठाकर ही हम काम करते हैं। उक्त विचार राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका चित्राजी जोशी ने व्यक्त की।

पटना के राजेंद्र नगर स्थित शाखा मैदान में राष्ट्र सेविका समिति के 15 दिवसीय शिक्षा वर्ग के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चित्राजी ने कहा कि कुएं का पानी, वट वृक्ष और मिट्टी का घर प्राकृतिक कष्टों को स्वयं सहन कर दूसरों को गर्मी में शीतलता और ठंडी के समय उष्णता प्रदान करता है। सेविका समिति की स्वयंसेविका भी समाज निर्माण में स्वयं कष्ट सहकर एक समर्थ परिवार और एक समर्थ राष्ट्र के निर्माण में तत्पर रहती हैं।
समापन समारोह में मौजूद मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉक्टर शांति राय ने कहा कि व्यक्ति निर्माण के द्वारा राष्ट्र के निर्माण उत्कर्ष की कल्पना करना और उसको कार्यान्वित करना एक बहुत बड़ी बात है। राष्ट्र सेविका समिति द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के कार्य राष्ट्र निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा।
सेविका समिति द्वारा पूरे देश के विभिन्न प्रांतों में इस प्रकार के प्रशिक्षण वर्ग लगे हैं। बिहार में इस शिक्षा वर्ग का आयोजन राजधानी पटना के मरचा मरची स्थित केशव सरस्वती विद्या मंदिर में किया जा रहा था। पटना के राजेंद्र नगर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय के समीप शाखा मैदान में राष्ट्र सेविका समिति शिक्षा वर्ग उत्तर व दक्षिण बिहार प्रांत का समापन समारोह आयोजित किया गया। 15 दिनों तक चलने वाले इस वर्ग में उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार की कुल 104 बालिकाओं ने भाग लिया।
समापन समारोह के दौरान वर्ग में शामिल होने वाले बालिकाओं ने व्यायाम दंड प्रहार सहित अनुशासन से संबंधित कई प्रदर्शन किए।




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