राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गुरू दक्षिणा कार्यक्रम : अमनौर में सांसद राजीव प्रताप रुडी ने किया केसरिया ध्वज का पूजन

अमनौर (सारण) । राष्ट्रीय स्वयंसेववक संघ के सारण इकाई द्वारा अमनौर में अध्यात्म व संस्कृति का केन्द्र प्राचीन पोखर पर ध्वज पूजन उत्सव का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रुडी उपस्थित थे। श्री रुडी ने केसरिया ध्वज का पूजन किया और स्वयंसेवक बंधुओं के बीच केसरिया ध्वज के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।


मौके पर श्री रुडी ने कहा पवित्र केसरिया ध्वज हमारी भारतीय संस्कृति और त्याग का प्रतीक है। केसरिया रंग को बल प्रदायक माना जाता है। सुर्योदय और सुर्यास्त के समय समुचे संसार का यही रंग हो जाता है इसीलिए भगवान सूर्य के केसरिया स्वरूप की पूजा की जाती है। सारण के विभाग प्रचारक श्री राजाराज जी ने स्वयंसेको का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष निरंजन शर्मा, जिला मंत्री बलिराम तिवारी, प्रखंड अध्यक्ष संतोष, अनिल सिंह, तुफान सिंह, जिला पार्षद नागेश्वर बैठा, सुच्चीन्दर साह और बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश सिंह समेत सारण के सभी स्वयंसेवकों व भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता ने भाग लिया।सांसद श्री रुडी ने लोगों का आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति के अनुसार जीवन जीने की कला सिखें और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कड़े अनुशासन और देश के प्रति निष्ठा को आत्मसात करें ताकि जीवन सफल हो सके और देश प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ सके। दरअसल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में किसी व्यक्ति विशेष को गुरू नहीं माना जाता है। सभी केसरिया ध्वज को अपना गुरू मानते है और पूजन करते है। इसी पूजन उत्सव को गुरू दक्षिणा कार्यक्रम भी कहा जाता है जहां सभी स्वयंसेवक समर्पण राशि गुरू दक्षिणा के रूप में ध्वज समर्पण करते है। इसी से सालोभर संघ का खर्च चलता है। कार्यक्रम में सभी स्वयंसेवकों को समर्पण की सीख दी जाती है। आज देश भर में लाखों कार्यकर्ता इसमें शामिल होते हैं।