छपरा : जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति के द्वारा राजभवन से मांगा गया वित्तीय लेनदेन का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। गौरतलब है कि जेपीयू के कुलपति डॉ फारूक अली के द्वारा 1 जनवरी 2020 से 31 जनवरी 2021 तक किया गया कुल खर्च एक का 71.70 करोड का ब्यौरा संतोषजनक तरीके से राजभवन को नहीं दिया गया। उनके दिए गए ब्यौरे से राजभवन संतुष्ट नहीं हुआ तथा इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया। जिसमें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह को कमेटी का अध्यक्ष तथा सदस्य के रूप में पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गिरीश कुमार चौधरी एवं केएसडी संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा के वित्तीय सलाहकार कैलाश राम को बनाया गया है। राजभवन के द्वारा इस आशय का पत्र जारी कर दिया गया है।