यूटिलिटी कॉरिडोर योजना को लेकर सांसद रुडी ने उपमुख्यमंत्री के साथ की बैठक

• बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर सहित कई वरीय अधिकारी भी थे उपस्थित

• पायलट प्रोजेक्ट के तहत छपरा में 230 करोड़ की लागत से प्रस्तावित है 27 किलोमीटर भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर का निर्माण

छपरा(सारण)। छपरा यूटिलिटी कॉरिडोर की योजना को भारत सरकार के उपक्रम मेकॉन द्वारा स्वपरूप प्रदान किया गया है और इसके कार्यान्वयन की जिम्मेदारी बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की है। इस योजना को मूर्तरूप देने के लिए सांसद पिछले दो वर्षो से प्रयासरत है। छपरा शहर को स्मार्ट सिटी की तरह विकसित करने में 230 करोड़ की लागत वाली यह योजना एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसे बिहार में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में छपरा में कार्यान्वित किया जाना है। राज्य में नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के पास है। इसलिए इस संदर्भ में सांसद ने उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक की। सांसद रुडी और उपमुख्यमंत्री की इस बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। सांसद ने बताया कि मुख्य सचिव से बैठक के बाद इस योजना को गति मिली थी परन्तु यह देखा गया कि योजना में शामिल विभागों द्वारा बिजली केबल, गैस पाइपलाईन, पानी की आपूर्ति पाइप, सीवर लाइनें, ऑप्टिकल फाईबर केबल, टेलिफोन वायर और स्ट्रीट लाइट जैसी उपयोगिता लाइनों को ले जाने के लिए खुदाई कर भूमिगत कार्य करेगा। इसी माह लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा भी था। यदि ये कार्य इस समय होते तो श्रद्धालुओं को को बड़ी कठिनाई होती। वैसे भी निर्माणाधीन डबल डेकर के कारण शहर की स्थिति अच्छी नही है और लोगों को कठिनाई हो रही है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर इसे आगे बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के तर्ज पर छपरा शहर के विकास के लिए केंद्र व राज्य सरकार प्रायोजित कई योजनाएं योजनाएं प्रस्तावित है। कोविड की वैश्विक महामारी के चलते कई योजनाओं को कार्यरूप नहीं दिया जा सका। अब जबकि छठ पूजा समाप्त हो गई है तब इसे देखते हुए योजना के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए यह बैठक की गई। सांसद ने बताया कि
बैठक के संदर्भ में सांसद रुडी ने बताया कि सारण के विकास को नया आयाम देने वाली योजना यूटिलिटी कॉरिडोर पर बिहार सरकार ने गंभीरता से काम करना आरंभ कर दिया है और इसे कार्यरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी संदर्भ में आज यह बैठक हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री ने इस योजना को शीघ्र ही कैबिनेट में ले जाने और योजना को गति देने के लिए मुख्यमंत्री से भी विमर्श करने की बात कही है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि यह योजना शीघ्र कार्यरूप में परिणत होगी। मालूम हो कि सारण में दर्जनभर विभागों के समन्वय से यूटिलिटी कॉरिडोर का निर्माण होना है। इसके लिए पूर्व में भी उच्च स्तरीय बैठक मुख्य सचिव के साथ सांसद द्वारा की गई थी। साथ ही योजना में दर्जनभर विभाग शामिल है इसलिए उनका आपस में समन्वय हो ताकि सम्यक विकास हो सके इसके लिए संबंधित विभागों के प्रधान सचिव के साथ भी मुख्य सचिव के साथ बैठक हुई थी। पुनः जब यह योजना आगे कार्यरूप नहीं ले सकी तब फिर पिछले माह राज्य के मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण से सांसद ने बैठक की थी।