मढ़ौरा नपं के उपमुख्य पार्षद का चुनाव तीन बार के चुनाव प्रक्रिया के बाद भी रहा बेनतीजा,स्थगित

👉निर्वाची अधिकारी ने चुनाव आयोग के निर्देश की प्रतीक्षा में अगले आदेश तक चुनाव प्रक्रिया को किया स्थगित

👉उपमुख्य पार्षद अभ्यर्थी शालू सिंह और राखी कुमारी के बीच रोचक मुकाबले में तीन बार कराई गई चुनाव प्रक्रिया,फिर भी रहा बेनतीजा

मढ़ौरा (सारण) : स्थानीय नपं में उपमुख्य पार्षद के चयन की प्रक्रिया तीन बार कराने के बाद भी निर्वाची पदाधिकारी ने बेनतीजा घोषित कर चुनाव को अगले आदेश स्थगित रखने का निर्णय लिया।उक्त निर्णय की जानकारी तीन बार चुनाव प्रक्रिया कराने के बाद सदन में उपस्थित पार्षदों को निर्वाची पदाधिकारी सह मढ़ौरा एसडीओ विनोद कुमार तिवारी ने चुनाव आयोग से प्राप्त दिशा निर्देशों के बाद दी। चुनाव प्रक्रिया बेनतीजा घोषित करने के पक्ष में चुनाव अधिकारी सह एसडीओ विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि उपमुख्य पार्षद पद के दोनों अभ्यर्थी राखी कुमारी और शालू सिंह ने तीन बार हुये चुनाव प्रक्रिया में किसी अभ्यर्थी ने सदन में मतदान प्रक्रिया में शामिल 16 वार्ड पार्षदों में से कुल का आधे से अधिक यानी 09 की संख्या का समर्थन प्राप्त नही कर सकी।इसलिए तीन बार चुनाव प्रक्रिया कराने के बाद बेनतीजा घोषित कर अगले आदेश तक स्थगित कर दिया जा रहा है।चुनाव प्रक्रिया के बाद निर्णय बेनतीजा होने से पक्ष और विपक्ष दोनों को मायूसी हुई।

👉अभ्यर्थियों को तीन चरणों मे मिले मत –
राखी कुमारी -शालू सिंह -अमान्य
प्रथम 08 -07 -01
द्वितीय 07 -08 -01
तृतीय 07 -07 -02

👉क्या कहते है निर्वाची पदाधिकारी सह मढ़ौरा एसडीओ– तीन बार चुनाव प्रक्रिया के बाद भी चुनाव आयोग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार परिणाम नहीं निकल पाया।इसलिए पुनः चुनाव आयोग के निर्देश के प्रतीक्षा में चुनाव प्रक्रिया को स्थगित किया गया है-

विनोद कुमार तिवारी-
एसडीओ मढौरा

👉चुनाव प्रक्रिया के बाद दोनों पक्षो में तनातनी-

विधि ब्यवस्था में डटे पुलिस बल

नपं के सभागार में चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद परिणाम बेनतीजा घोषित होने पर दोनों पक्षो के पार्षदों के बाहर आने पर कुछ समर्थकों द्वारा उतेजना पूर्ण टिप्पणी की गई।जिससे कुछ देर के लिये परिसर में एक दूसरे को देख लेने की आजामाइस शुरू हो गई। इस तनातनी के माहौल को उपस्थित पुलिस बल ने हस्तक्षेप से कुछ देर में शांत करा दिया गया।हालांकि इस तनातनी को देख आसपास की दुकानें फटाफट बंद होने लगी।