मुहिम का असर बंगलुरु से घर आ सकेंगे हजारों मजदूर

• एंटी करोना टास्क फोर्स की अच्छी पहल

कुमुद रंजन सिंह की रिपोर्ट/पटना डेस्क : बंगलुरू में के रेलवे स्टेशन पे लगी हजारों की भीड़ और एंटी कोरोना टास्क फ़ोर्स की मुहिम चलो घर चले के बदौलत एक समन्वय की स्तिथि और कर्नाटक सरकार ने लिया फैसला की मजदूरों के उग्र विरोध और आलोचना के बाद शुक्रवार को कर्नाटक से आने के लिए ट्रेन सेवा होगी शुरू होगी। अभी-अभी मिल रही सूचना के मूताबिक कर्नाटक सरकार ने ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी है। बता दें कि कर्नाटक की सरकार ने बुधवार को ट्रेन चलाने पर रोक लगा दी थी।
रोक लगते ही एसीटीएफ के राष्ट्रीय संयोजक कृष्ण कुमार झा,ने इसको गैर जिम्मेदार फैसला बताते हुए,कथित रूप से पीएमओ से हॉट लाइन पर बात की और मजदूरों के परिस्थितियों के बारे में बताया।सरकार को इसका तुरंत फैसला लेना पड़ा और बिना किसी बिलंब के 8 से 15 मई तक फंसे लोगों के लिए ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी है,एसिटीएफ
बिहार के राज्य महासचिव कुमुद रंजन सिंह ने बताया कि-
कर्नाटक सरकार ने बिहार, झारखंड, बंगाल के साथ कई राज्यों के लिए ट्रेन चलेगी। इसके लिए नोडल अधिकारियों की लिस्ट जारी कर दी है।
चलो घर चले के मुहिम में इस संस्था ने पूरे भारत वर्ष में डिजिटल फॉर्म भड़वाकर सरकार के साथ एक अहम भूमिका निभा रही है.
आपको बता दूं कि कृष्ण झा एक देश के जाने माने रणनीतिकार एवं अपने विदेश और इनोवेटिव नीति के लिए जाने जाते हैं।और जैविक खेती एवं स्टार्ट अप मुहिम से उनकी कंपनी को फोर्ब्स मैगज़ीन ने भी एक अहम स्थान दिया। सिर्फ और सिर्फ एंटी कोरोना टास्क फोर्स संस्था की यह मुहिम रंग ला रही है और सरकार ने तुरंत ट्रेन चलाने का फैसला लिया ।
8 से 15 मई तक फंसे लोगों के लिए ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी है। कर्नाटक सरकार ने बिहार, झारखंड, बंगाल के साथ कई राज्यों के लिए ट्रेन चलेगी। इसके लिए नोडल अधिकारियों की लिस्ट जारी कर दी है।
सरकार के इस फैसले का कृष्ण झा , बिहार विधि सेल के प्रदेश राजीव रंजन के साथ ही ऐसीटीएफ के बिहार राज्य सचिव मृगांक शेखर सिंह ने स्वागत करते हुए इसको देश के प्रति सहभागिता बताई है।