मांझी का बिछड़ा बालक बरेली से बरामद,मिलकर बालक और परिजनों के छलके आंसू

मांझी(सारण) : सोशल मीडिया द्वारा संचालित अनुभव जिंदगी का वाट्सअप ग्रुप के प्रयास ने एक माह से बिछड़े बालक को परिजनों से मिलाया।
मांझी थाना बाजार निवासी दरोगा यादव का इकलौता पुत्र शंकर एक माह बाद बरेली से बरामद हुआ। इससे पहले भोज खाने गया बालक शंकर बालकों की टोली के उकसावे पर बात बात में ट्रेन पर सवार होकर घर से निकल गया। और पता नही कैसे वह यूपी के बरेली शहर जा पहुंचा। लावारिस की तरह शहर में भटकते बालक पर नजर रेलवे चाइल्ड केयर सेंटर के प्रभारी रमण जीत की पड़ी उन्होंने उसे सेंटर में शरण दी। बाद में पूछताछ के बाद उन्होंने बालक का पता करने के उद्देश्य से मांझी पुलिस तथा स्थानीय दैनिक जागरण के प्रतिनिधि व अनुभव जिंदगी का वाट्सअप ग्रुप के सदस्य व बालक के पड़ोसी सोहैल अहमद से सम्पर्क साधा। फिर क्या था सूचना पाकर परिजन उछल पड़े। और तत्काल बरेली पहुंचकर अपने लाडले को गले लगाया। कागजी औपचारिकता के बाद बालक को परिजनों के हवाले किया गया। मिलते ही दोनो तरफ से अश्रु धारा बह चली। बिछड़े बालक को सकुशल पाकर परिजनों ने सेंटर के सदस्यों तथा अनुभव जिंदगी का वाट्सअप ग्रुप के सदस्यों का आभार प्रकट किया। मालूम हो कि अपने पुत्र के लापता होने की सूचना देकर दरोगा यादव ने उक्त वाट्सअप ग्रुप के सदस्यों से खोजबीन में मदद की गुहार लगाई थी। और दो शाखा में संचालित अनुभव जिंदगी का वाट्सअप ग्रुप बहु प्रचारित भी किया गया था।