
मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपते आंदोलनकारियों का प्रतिनिधिमंडल
मढ़ौरा (सारण): क्षेत्र की ऐतिहासिक और बंद पड़ी चीनी मिल को अन्यत्र ले जाने के विरोध में सोमवार को स्थानीय अनुमंडल कार्यालय के समीप चीनी मिल संघर्ष समिति के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा समाजसेवी नीरज कुमार ने की, जबकि संचालन विष्णु गुप्ता ने किया।

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प्रमुख मांगें एवं वक्ताओं के विचार
- यहीं हो पुनर्स्थापित: आंदोलन के सूत्रधार वीर आदित्य कुमार व अन्य वक्ताओं ने जोर दिया कि मढ़ौरा की मिल को किसी अन्य स्थान पर ले जाने के बजाय यहीं दोबारा चालू किया जाए। हाल ही में तरैया में नई चीनी मिल स्थापित किए जाने की चर्चा पर गहरी चिंता जताई गई।
- आधारभूत सुविधाएं: वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मढ़ौरा में रेल, सड़क, बिजली और पर्याप्त कृषि क्षेत्र जैसी तमाम आधारभूत सुविधाएं पहले से मौजूद हैं।
- रोजगार के अवसर: मिल के पुनर्जीवित होने से क्षेत्र के हजारों किसानों को गन्ने का सुनिश्चित बाजार मिलेगा तथा परिवहन, व्यापार, होटल और कृषि उपकरण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- आधुनिक उद्योग: आधुनिक चीनी मिल के साथ-साथ एथेनॉल, को-जनरेशन पावर और अन्य सह-उत्पाद आधारित उद्योग विकसित किए जाएं ताकि मढ़ौरा को पुनः एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाया जा सके।

ज्ञापन और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
प्रदर्शन के उपरांत एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मढ़ौरा अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सैयद आदिल मोहसिन को सौंपा। इसमें मांग की गई कि उपलब्ध भूमि और परिसंपत्तियों का तकनीकी व कानूनी सर्वे कराकर मिल स्थापना की समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए।इस शांतिपूर्ण आंदोलन में दिलीप साह, सुवास राय उर्फ झड़ीमान राय, जयराम राय, अंकित कुमार यादव, युवराज भास्कर, अभिषेक राय, अश्विन कुमार, हरिंद्र राय, सुनील साह, छठी लाल चौरसिया, नारद प्रसाद और मोहित सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण व युवा शामिल रहे।




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