बड़ी लापरवाही:सारण मे पीडीएस डीलर को भेजा जा रहा है सड़ा चावल,डीएम ने दिये जांच के आदेश 

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दैनिक खोज खबर ब्यूरो ,सारण 
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छपरा 
मुख्यमंत्री का सपना है कि बिहारी व्यंजन हर थाली में दिखे, पर  छपरा में गरीबो के बीच पीडीएस डीलर के यहाँ भेजा जा रहा सड़ा चावल, जिससे फूड पॉयजनिग और महामारी की आशंका बढ़ते जा रही है, हालांकि प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद  जिला प्रशासन की खुली नींद डीएम ने मामले के जांच के आदेश और दोषियों पर प्रथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
पीडीएस दुकानों से गरीबो को खध्यान उपलब्ध कराने के योजना में इस बार नालंदा से 17 मैट्रिक टन चावल की खरीद हुई है, जो चावल सारण जिले में आई है, चावल की क्वालिटी बेहद घटिया है, इन चवालो के खरीद और परिवहन में अधिकारयियो द्वारा बड़ी लापरवाही बरती गई है जिस कारण यह चावल जिला मुख्यालय से प्रखण्ड में भेजा गया है, मढ़ौरा, परसा, मांझी, दरियापुर प्रखंडो ने डीलरों ने इस चावल को लेने में आपत्ति जताई जिस खबर को ज़ी बिहार ने प्रमुखता से चलाया, और इस मामले की पड़ताल की पड़ताल में छपरा ग्रामीण स्टेशन के निकट रेक पॉइंट पँर जो नजारा दिखा और बेहद खतरनाक था, रेक पॉइंट पँर सीमेंट मिश्रित सड़े चावल का बैग बदला जा रहा था, और फिर इसे डीलरों को भेजने की तैयारी हो रही थी, आप खुद देखिये…
यह चावल अब गरीबो के निवाले बनगे, जिस चावल में कीड़े, पत्थर और सड़े हुए हो उसे भेजने की क्या मजबूरी है यह सवाल अनुत्तरित है

चावल खरीद में पैक्स से चावल की क्वालिटी की चेकिंग नही की गई, साथ ही इसे भेजे जाने के पहले भी इसकी जांच नही की जिस कारण परिवहन के नाम पर  सरकार के लाखों रुपये खर्च हुए, और इसी परिवहन किराये को बचाने के।लिए जिला प्रबन्धक ने इसे प्रखंडो में भेजना शुरू किया, डीलरों ने जब इसका बिरोध किया तो उनके दुकान को रद्द करने की धमकी देते हुए चावल दिया गया, जो चावल मवेशियों के खाने लायक नही वो गरीबो के निवाले बनेगे,कुछ जगहों पर डीलरों ने इसका बिरोध किया और जब यह खबर ज़ी बिहार पँर प्रमुखता से चली तो जिलाधिकारी हरिहर प्रसाद ने पहले तो इन तस्वीरों को स्टेशन का बता कर मामले से पल्ला झाड़ा पँर जब इस संबंध में बताया कि राज्य खाध निगम को सूचना देने की बात कही।
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साभार :मनोरंजन पाठक ,छपरा