बैंकों की मनमानी से छात्र परेशान,नहीं बन रहा ड्राफ्ट,इंटरेंस पास कर लगा रहे बैंक का चक्कर
#मशीन खराब होने का बहाना बनाकर बैंककर्मी नही बना रहे बैंक ड्राफ्ट :
तरैया (सारण):
बैंकों की मनमानी से तो ग्राहक परेशान है ही अब छात्रों को भी बैंक कर्मी परेशान कर रहे है।जिससे उनका भविष्य चौपट हो रहा है।बिहार कम्बाईन इंटरेंस प्रतियोगिता परीक्षा पास कर चुके डुमरी निवासी नंदकिशोर साह के पुत्र निरंजन कुमार साह आईटीआई कैट में नामांकन के लिए फी के रूप में 1080 रुपया का बैंक ड्राफ बनवाने के लिए तीन दिनों से तरैया एसबीआई बैंक का चक्कर काट रहे है।छात्र ने बताया की नामंकन के लिए फी के रूप में 1080 रुपया का ड्राफ देना है।छात्र ने बताया कि वह 20 जुलाई शुक्रवार को तरैया एसबीआई बैंक गया तो कर्मियों ने बताया कि मशीन खराब है।ड्राफ नही बनेगा।फिर छात्र मढ़ौरा और अमनौर एसबीआई ब्रांच भी गया वहाँ के कर्मियों ने भी यही बात कही की मशीन खराब है।फिर छात्र जब शनिवार 21 जुलाई को तरैया एसबीआई शाखा में गया तो बैंक कर्मियों ने कहा कि मशीन खराब है।छात्र का कहना है कि 28 जुलाई तक आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि है।ड्राफ नही बनने से छात्र परेशान है।यह घटना बैंक के सिस्टम को चुनौती देता है की ग्रामीण क्षेत्र में बैंक शाखा किस तरह ग्राहकों के साथ मनमानी करते है।इस समस्या की पड़ताल करने जब बैंक पहुँचा गया तो एसबीआई के दर्जनों ग्राहकों ने बताया कि यहाँ बैंक में सुबह 11 बजे के पहले काम शुरू नही होता है और चार बजते-बजते बैंक का मुख्य गेट बंद कर दिया जाता है।अगर किसी ग्रामीण ग्राहक को 04:15 में रुपयों की इमरजेंसी लगी तो बैंक कर्मी गेट ही नही खोलेंगे।की वह व्यक्ति अंदर जाएगा।इस तरह की बैंक की मनमानी से तरैया के ग्राहकों में बैंक के प्रति नाराजनगी है।परिवर्तनकारी प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रखण्ड अध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि हमारे शिक्षक 10 बजे से 04 बजे तक विद्यालय में रहते है।जब चार बजे से 10 मिनट देर भी बैंक पहुँचते है तो बैंक का गेट नही खुलता है।और शिक्षक रुपया निकाले बगैर वापस लौट जाता है।बैंक की मनमानी के कारण शिक्षक को सीएल लेकर रुपया निकलना बैंक आना पड़ता है।वही सीआरसीसी मो.अनीस ने बताया कि विभागीय कार्यो के लिए भी बैंक का गेट चार बजे के बाद नही खुलता है।
#बैंक के अंदर निजी बैंक कर्मी का है दबदबा,उनकी मर्जी से बैंक के गेट खुलते और बन्द होते है-
एसबीआई तरैया की शाखा में साफ-सफाई करने व गेट खोलने बन्द करने के लिए बहुत निजी कर्मियों को शाखा प्रबंधक द्वारा रखा गया है।जिनकी दबदबा बैंक के अंदर चलता है।उनके करीबी जब बैंक के गेट पर छः बजे भी पहुँचते है तो वे गेट खोलकर उन्हें अंदर प्रवेश करवा लेते है।और उनका काम आसानी से हो जाता है।लेकिन सामान्य ग्राहकों को चार बजे के बाद पहुँचने पर डांटकर भगा दिया जाता है।
#पहले से अंदर मौजूद ग्राहकों को बाहर निकलने के लिए गार्ड से समक्ष गिड़गिड़ाना पड़ता है-
वैसे ग्राहक जो चार बजे के अंदर पैसा निकालने या पैसा जमा करने के लिए बैंक के अंदर प्रवेश कर चुके होते है।उन्हें अगर 04:05 बजे बाहर निकलना हो तो उन्हें बैंक में तैनाद थाने से सुरक्षा कर्मियों के समक्ष गिड़गिड़ाना पड़ता है।या घंटो इंतजार करना पड़ता है।या अगर कोई भी आई पी व्यक्ति आ गया तो गेट खुलेगा।थाने से तैनाद सुरक्षा कर्मी भी बैंक की सुरक्षा करने के बजाय ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार करते है।बैंक के इस कुव्यवस्थापूर्ण सिस्टम से विद्यार्थी से लेकर आम ग्राहक तक सभी परेशान है।
बैंकों की मनमानी से छात्र परेशान,नहीं बन रहा ड्राफ्ट,इंटरेंस पास कर लगा रहे बैंक का चक्कर




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