दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
सरकार के द्वारा लाये गये बिल के विरोध में इंडियन मेडिकल एशोसिएशन की जिला ईकाई के आह्वान पर आज शहर में कोई भी निजी और सरकारी अस्पताल में डाक्टरों ने ईलाज नहीं किया।सिर्फ आपातकालीन सेवा बहाल रही।आईएमए के जिला मीडिया प्रभारी डॉ उमेश कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस एनएमसी बिल के खामियों से अवगत कराते हुए बताया कि :- इस बिल के लागू होने पर एक आयुष चिकित्सक का 6 महीना के ब्रिज कोर्स करके आधुनिक एलोपैथिक पद्धति से इलाज कर सकता है, भारत देश में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद प्रेक्टिस करने के लिए एक पुन: एग्जाम से गुजरना होगा। जबकि विदेशो मे एमबीबीएस/ एमडी करने के बाद कोई टेस्ट दिए बिना डॉक्टर प्रैक्टिस कर सकता है। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के 40% सीट पर ही सरकारी कोटा से नामांकन होगा, बल्कि 60 प्रतिशत सीट पर कॉलेज प्रशासन का अधिकार होगा। डॉक्टर अपने प्रतिनिधि का चुनाव कर इस एन एम सी में नहीं भेज सकेंगे। आयुष चिकित्सक भी एलोपैथिक मेडिसिन की एमडी/ एमएस परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं ।राज्य सरकार भी इस एन एम सी में किसी को नॉमिनेट नहीं कर सकती हैं। सभी स्टेट मेडिकल काउंसिल अब सीधे एनएमसी के कंट्रोल में कार्य करेंगे। एनएमसी में केवल सरकार द्वारा नामित अध्यक्ष एवं सदस्य होंगे। आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ प्रमोद तिवारी ने कहा कि आई एम ए चिकित्सा विज्ञान के साथ एनएमसी सहीत केंद्र सरकार के विभिन्न गलत फैसलों से उत्पन्न विषम स्थिति का निराकरण किए बिना जिस प्रकार एनएमसी बिल सरकार द्वारा जल्दीबाजी में लाया गया है उस की घोर निंदा करती है। आई एम ए जिला मीडिया प्रभारी डॉक्टर उमेश कुमार ने कहा कि राज्य की जनता से अनुरोध है कि वह भी चिकित्सा क्षेत्र के साथ हो रहे अन्याय का विरोध करें। वही बेतिया के प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मंजू चौधरी ने इस बिल का तीखी आलोचना की है ।आईएमए संयुक्त सचिव डॉ0 इंतेशारुल हक ने कहा कि एन एम सी बिल में सुधार सरकार के द्वारा नहीं किया गया, तो भविष्य में हम अपने संघर्ष को और तीव्र करने पर बाध्य होंगे। संयुक्त सचिव डॉक्टर मोहनीस सिन्हा ने कहा कि आयुष चिकित्सकों को आधुनिक एलोपैथिक पद्धति से इलाज करने लायक बनाने हेतु जो एनएमसी बिल का गठन किया गया है। उससे भारत में आधुनिक शिक्षा का स्तर गिर जाएगा। संयुक्त सचिव डॉ0 सनी कुमार सिंह ने बताया कि इस एन एम सी बिल के आने से प्राइवेट कॉलेज की मनमानी और बढ़ेगी।  इस धरना प्रदर्शन में डॉक्टर उमेश कुमार, डॉक्टर मोहनिस कुमार, डॉक्टर इंतेशारुल हक, डॉक्टर सौरभ, डॉक्टर वीरेंद्र, डॉ0 शिवशंकर, डॉक्टर रमेश चंद्रा, डॉक्टर अनिल, डॉक्टर जितेंद्र, डॉ0 सन्नी सिंह एवं बेतिया के सभी डॉक्टर उपस्थित रहे।