दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
नेशनल एंटी क्राइम एंड ह्यूमन राइट्स कॉउंसिल ऑफ़ इंडिया के प०.चम्पारण जिला चेयरमैन ने अपने निवास स्थान पर 26 जनवरी के अवसर पर झंडा तोलन किया मौके पर टीम के मेम्बर उपस्थित रहे ।हमारा मात्रभूमि कई वर्षों तक ब्रिटिश सरकार के अधीन था। उस समय अंग्रेजी हुकूमत ने भारतीय लोगों को ज़बरदस्ती अपने कानून का पालन करने को कहा और ना मानाने वालों के साथ अत्याचार भी किया। कई वर्षों के संघर्ष के बाद भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों की कड़ी मेहनत और जीवन न्योछावर करने के बाद भारत को 15 अगस्त 1947 को आज़ादी मिली।
स्वतंत्रता के ढाई वर्ष के बाद भारत सरकार ने स्वयं का संविधान लागु किया और भारत को एक प्रजातांत्रिक गणतंत्र घोषित किया। लगभग 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत के संविधान को भारत की संविधान सभा में पास किया गया। इस घोषणा के बाद से इस दिन को प्रतिवर्ष भारतीय लोग गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने लगे।
हर साल रिपब्लिक डे मनाना भारतीय लोगों और दुसरे देशों में रहने वाले भारतीय लोगों के लिए बहुत ही सम्मान की बात है। यह दिन सभी भारतीय लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन होता है और सभी लोग बहुत ही ख़ुशी और उत्साह के साथ इस दिन को मनाते हैं।यह बहुत ही शर्म की बात है की इतने वर्षों के आज़ादी के बाद भी आज हम अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा से लड़ रहे हैं। अब हमें दोबारा मिल कर अपने देश को इन बुरी चीजों से दूर करना होगा और एक सफल, विकसित और स्वच्छ देश बनाना होगा। हमें गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता, आदि जैसे चीजों को समझना होगा और इनका हल भी खोजना होगा।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे अब्दुल कलाम जीने कहा था कि अगर देश को भ्रष्टाचार मुक्त और महान और अच्छे ज्ञान वाले लोगों का बनाना है तो मुझे लगता है कि सोसाइटी से जुडी तीन चीजें है जो बदलाव ला सकते हैं। वो हैं माता, पिता, और शिक्षक। भारत देश के नागरिक होने के कारण हमें सोचना चाहिए की हम अपने देश को किस हद तक सफल बना सकते हैं।





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