दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-
शहर में अतिक्रमण का होना ऐसे एहसास दिलाता है जैसे हम नरक में रह रहे हो. निजी स्वार्थ के वशीभूत होकर लोग अन्य शहर वासियों के लिए समस्या का कारण बन रहे हैं. अतिक्रमणकारियों पर चला प्रशासनिक डंडा स्वागत योग्य कदम है और निश्चित ही इससे शहर की सूरत बदलेगी परंतु इसमें और सुधार के लिए जनप्रतिनिधियों को भी सक्रिय होना चाहिए और अपने जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए. इसलिए जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे प्रशासन के साथ भी कदम से कदम मिलाकर इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मदद करें. उक्त बातें मानवाधिकार कार्यकर्ता अनुश्रवण समिति सदस्य अजय कुमार ने कही. उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन बातों की जानकारी मीडिया वालों को दी.





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