बेतिया – गौनाहा:– *प्रयाप्त मात्रा में बालू नही होने के कारण बंद पडा कटावरोधी बांध निर्माण कार्य*

न्यूज इनपुट रामायण कुमार गौनाहा पं.चम्पारण बिहार :-
*पश्चिमी चम्पारण गौनाहा* इंडो-नेपाल स्थित भिखनाठोरी गांव में प्रति वर्ष बाढ आने से कटाव का मार झेलते लोग कटाव रोधी बांध का निर्माण नही होने के कारण कटाव से भयभीत हैं ।
बेतिया डीएम डा. निलेश चंद्र देवरे के आदेश से भिखनाठोरी गांव को कटाव से बचाव हेतु करीब साढे तीन करोड़ रुपए की लागत से बांध का निर्माण करने का आदेश दिया गया । जिसके लिए टेंडर भी हो चुका है परंतु बांध स्थल पर बालू के अभाव में बांध का निर्माण कार्य बंद है । वही स्थानीय पुना सिंह, पूर्व मुखिया दयानंद साहनी, एजाज खान, राजन खान, शेषनाथ यादव, मोती पासवान, प्रमोद शाह आदि लोगो का कहना है कि बांध स्थल पर बालु नही होने के कारण वन विभाग के द्वारा वन क्षेत्र से होकर दूसरे भराहवा नदी से बालू वन क्षेत्र से होकर लाये जाने पर रोक लगाई जा रही है । वही SSB के द्वारा नो मैंस लैंड से होकर बालू लाने के लिए मना किया जा रहा है । जबकि ठोरी गांव के लोगो का कहना है कि बरसात के पूर्व अगर मुकलंम बांध नहीं बांधा गया तो गांव का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा ।
ऐसे तो पिछली बार आई भयानक बाढ के कारण भिखनाठोरी के 34 घर पहले ही नदी में विलीन हो चुका है । अगर समय रहते बांध तैयार नही किया गया तो अगली बरसात का मार गांव नही सह पायेगा और गांव का आस्तित्व लगभग लगभग समाप्त हो जाऐगा ।
विदित हो कि पहाडी नदीयो का संगम इंडो-नेपाल बॉर्डर पर होता है जिसके कारण हर साल बरसात के दिनो में नदीयों में बढी जलस्तर व पानी का तेज बहाव का रौद्र रूप अब भिखनाठोरी गांव सह नही पा रहा है । जिसके कारण विगत छः माह पहले 12 अगस्त को आई बाढ में 34 घर पहलें ही नदी में विलीन हो चुके है । बरसात सुरू होने से पहले अगर मुकलंम बांध का निर्माण नही किया गया तो आने वाले समय में ठोरी का आस्तित्व बचाना मुस्किल ही नही नामुमकिन हो जाऐगा ।




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