बिहार में कानून का राज है हर हाल में सुशासन व्यवस्था कायम रहेगा : अंजुम आरा

छपरा(सारण): बिहार में कानून का राज है अौर रहेगा, बिहीया, गया, जहानाबाद की घटनाओं में राजद समर्थित लोगों का नाम है। कानूनी प्रावधान के तहत पकड़े भी गये है,लेकिन आरोपी को अभी भी राजद ने पार्टी से नहीं निकाला है। लालू राबड़ी शासन काल में हत्या, डकैती जैसे जघन्य अपराध में काफी इजाफा हुआ था जबकि उसके अपेक्षा जदयू के शासन में कम अपराध हुए है। उक्त बातें जदयू के प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा एवं स्वेता विश्वास ने छपरा पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए शुक्रवार को कही। उन्होंने कहा कि सारण प्रमंडल के साथ लालू राबड़ी के 15 वर्षों के शासन काल एवं नीतीश कुमार के अबतक के शासन काल को आकलन करने की जरुरत है। इस मामले पर प्रदेश नेत्री ने अपराध का तुलनात्मक आंकड़ा पेश करते हुए विपक्ष को बहस करने की चुनौती दी। प्रवक्ता ने संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए तेजस्वी यादव से पूछा कि बताये आपका पीए मनी यादव के अनैतिक व्यापार अधिनियम तथा विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोपी को संरक्षण दे रहें है। उन्होंने लालू यादव के राजनितिक सलाहकार राजबल्लब यादव नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोपी है अौर अभी भी दल में बने हुए है। वहीं राजद विधायक गुलाब यादव दुष्कर्म का आरोपी है जबकि संजय यादव महिला के साथ छेड़छाड़ का आरोपी है। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिहार में कानून का राज है अौर रहेगा। उन्होंने हाल के दिनों में बिहीया से लेकर गया, जहानाबाद तथा जनदाहा की घटनाओं में राजद समर्थित लोगों का नाम आया है लेकिन राजद ने अभी तक इन आरोपियों को पार्टी से नहीं निकाला जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा एवं स्वेता विश्वास ने संयुक्त रुप से प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि सारण प्रमंडल लालू प्रसाद का लोकसभा क्षेत्र रहा है उनके कार्यकाल का आपराधिक आंकड़ा देखने की जरुरत है। प्रदेश नेत्री ने यह भी कहा कि कानून राज हमारा यूएसपी है उस पर हम खरोंच तक नहीं आने देंगे। यही कारण है कि हमारी बेटियाँ साइकिल पर चल कर गाँव से होकर जा रही है। उन्होंने जदयू शासन के विकास योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि सारण के करीब प्रत्येक गाँव में बिजली पहुँच गयी है, हर प्रखण्डो में सड़क की सम्पर्कता भी बढ़ी है। प्रदेश प्रवक्ता ने सारण प्रमंडल का आपराधिक आंकड़ा पेश किया जिसमें 1990 से 2005 तक का हत्या, डकैती, फिरौती, बैंक लूट तथा जदयू के 2006 से 2018 तक का अपराधीक आंकड़ा पेश करते हुए दोनों के शासन काल का तुलनात्मक अध्ययन की आवश्यकता जताते हुए इस मुद्दे पर विपक्ष को खुली चुनौती दी। संवाददाता सम्मेलन में जिला जदयू के अध्यक्ष अल्ताफ आलम राजू, प्रदेश पंचायती राज के कोषाध्यक्ष नंदकिशोर सिंह, पंचायती राज के जिला अध्यक्ष उमेश सिंह, महिला सेल के अध्यक्ष कुसुम रानी, जदयू के नेता वजैर अहमद सहित बड़े तादाद में जदयू कार्यकर्ता उपस्थित थे।