मांझी(सारण)। सोमवार को मांझी थाना क्षेत्र के सबदरा गांव के उत्तर घात लगाकर बैठे बाइक सवार दो अपराध कर्मियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक मांझी थाना क्षेत्र के नटवर बीरबल गांव निवासी नागेन्द्र यादव का पुत्र सोनू कुमार 19 वर्ष बताया जाता है। परिजनों ने बताया कि मृतक अपने एक महिला रिश्तेदार को बनवार के समीप बस पर बिठा कर बाइक से वापस लौट रहा था तभी घात लगाए बैठे दो सशस्त्र अपराधकर्मियों ने पहले उसके साथ हाथापाई की तथा बाद में देसी पिस्तौल सिर में सटा कर गोली मार दी जिससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा पास कर चुका था। वह पुलिस में बहाल होने के लिए रोज सुबह शाम उसी सड़क पर दौड़ लगता था। उधर घटना को अंजाम देकर भाग रहे अपराध कर्मियों की बाइक में अचानक तकनीकी गड़बड़ी आ गई और वे पैदल ही भागने लगे। तबतक ग्रामीणों ने उन्हें पांच सौ मीटर पूरब कोपा थाना क्षेत्र के पीयानों पोखरा के समीप खदेड़कर पकड़ लिया और लाठी डंडे व ईंट पत्थर से पीट पीट कर अधमरा कर दिया। बाद में एक अपराध कर्मी की घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे अपराधकर्मी को पुलिस ने गम्भीर अवस्था में छपरा सदर अस्पताल ले जाकर एडमिट करा दिया। आक्रोशित लोगों ने अपराधकर्मियों की अपाची बाइक को बीच सड़क पर ही आग के हवाले कर दिया। मारे गए अपराधकर्मी के पास से तीन जाली आइडी व एक देसी पिस्तौल बरामद किया गया। उनकी बाइक के पीछे एक ही स्थान पर चार अलग अलग नम्बर प्लेट गूंथा हुआ था। घटना की सूचना पाकर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने पियानो पोखरा के समीप टायर आदि जलाकर छपरा सिवान मुख्य मार्ग को लगभग दो घण्टे तक के लिए जाम कर दिया। हालाँकि बाद में छपरा सदर एसडीपीओ एमपी सिंह और रिविलगंज के थानाध्यक्ष ओम प्रकाश चौहान आदि के द्वारा समझाये बुझाये जाने के बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हो गए तथा आवागमन पूर्ववत बहाल हो गया। अपने दोस्त की हत्या से आक्रोशित युवक मृतक अपराधकर्मी के शव के ऊपर तांडव कर रहे थे। कई युवक क्षतविक्षत शव के ऊपर कूद रहे थे तो कई युवक बीच सड़क पर शव को घसीट रहे थे।इस दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही। सड़क जान हटने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल व पुलिस पदाधिकारियों के साथ पहुंचे सारण के एसपी संतोष कुमार ने घटना स्थल का मुआयना किया। पत्रकारों के पूछे जाने पर हत्याकांड के शीघ्र उद्भेदन का उन्होंने आश्वासन दिया। समाचार लिखे जाने तक हत्या के कारणों का सही सही पता नही चल सका था। हालाँकि कई ग्रामीण आपसी वर्चस्व की लड़ाई की वजह से हत्या की आशंका जता रहे थे। ज्ञातब्य है कि घटना स्थल पर मांझी कोपा व दाउदपुर थाना क्षेत्र एक दूसरे से जुड़ता है।