प्रदेश में बढ़ रही अपराध से बिहार के लोगो में दहशत का माहौल – रुढी 
दैनिक खोज खबर ब्यूरो सारण 
राज्य की स्थिति भयावह हो गयी है। लूट हत्या लगातार हो रहे अपराध से लोग सहमे हुए हैं। जिनके शासनकाल में सामूहिक जनसंहारों की झड़ी लगी थी. आज वे ही नीतीश कुमार के साथ सत्ता में चिपके हैं।उक्त बातें स्थानीय सांसद व केन्द्रीय मंत्री राजीव प्रताप रुढी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा।मालूम हो कि सारण के मढौरा से एलआईसी का करीब 11 लाख रुपया लेकर रेडियेंट कंपनी की कैशवैन छपरा के आईसीआईसीआई बैंक में जमा करने जा रही थी। इस दौरान अपराधियों ने रेडिएंट कम्पनी की कैशवैन को निशाना बनाते हुए लूटपाट की।लूटपाट के दौरान दौरान अपराधियों ने कैश वैन के चालक, कैशियर और गार्ड को गोली मार कर जख्मी कर दिया और गार्ड का रायफल भी छीन लिया। घायलों में कैशियर रामबाबू राय, चालक दिनेश सिंह, गार्ड पवन कुमार सिंह शामिल हैं।श्री रुडी ने घायल युवक के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि वे उनके दुःख में उनके साथ हैं। रुडी ने कहा कि अपने लिए कोई दुसरा चारा न देख जनता भगवान के आगे नतमस्तक है।राज्य में अपराध अपने चरम पर है। यह थमने का नाम नहीं ले रहा है।विकास पुरूष विनाश पुरूष की संज्ञा धारण किये हुये है, वो विनाश पुरूष की तरह कार्रवाई कर रहे हैं। जब से देशभर में शासन के लिए प्रख्यात दो दलों से गठबंधन करके सत्तारूढ़ रहे तब से राज्य में लालू राबड़ी राज के दौरान का जंगलराज पुनः दृष्टिगोचर हो रहा है। छपरा सहित पूरे राज्य की स्थिति पूरी तरह अराजक हो गई है और राज्य की निरीह जनता सरकार को चुनने का खामियाजा भुगत रही है। देशभर में सीना तानकर ढिंढोरा पिटने वाले नीतीश कुमार को यह जवाब देना चाहिए कि शराबबंदी के बाद आखिर अपराध क्यों बढ़ा, अगर ऐसे अपराध की फेहरिस्त उन्हें गिनाई जाती है तो यह कहकर पल्ला झाड़ लेना की दुसरे राज्यों में भी अपराध होता है, यह जनता के प्रति वफादारी नहीं है।प्रश्नों की झड़ी लगाते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार आखिर क्यों विकास पुरूष के बदले विनाश पुरूष हो गये ? दूसरे राज्य में भी अपराध होता है कहकर पल्ला झाड़ने वाले क्या ये बतायेंगे कि क्या इसी तरह बिहार में अपराध को बढ़ावा मिलता रहेगा? क्यों व्यवसायिक प्रतिष्ठान शाम होते हीं बंद हो जा रहे हैं? क्यों शाम होते ही बाजारें सुनसान पड़ जा रही हैं? क्या यह सच नहीं है कि ऐसी अराजक स्थिति शराबबंदी के पूर्व भी नहीं थी? रुडी ने कहा कि जहां भाजपा के शासनकाल में शहर से कस्बा तक की व्यवसायिक प्रतिष्ठान रात के दस बजे तक निर्भय होकर खुले रहते थे वहीं अब बड़े से बड़े बाजार और शहर के भी मार्केट आठ बजे तक ही सुनसान पड़ जाते हैं।उन्होंने कहा कि ये तो रात की बात है लेकिन लूटेरे दिन का भी भय नहीं खाते। हाल के दिनों में बैंक डकैती, कैश भान लूट, एटीएम से लूट जैसे नगद लूट के साथ-साथ व्यवसायियों से रंगदारी मांगना, लूटना, आम हो गया है।हाल ही में छपरा में पूर्व मुखिया, स्वर्ण व्यवसायी, जनप्रतिनिधि, जैसे अनेक लोगों की हत्या हुई है। मुजफ्फरपुर में दो व्यवसायी भाइयों को गोली मार दिया गया. पटना सिटी में दरवाजे पर ही गोली मार दिया गया।अपराधी पूरी तरह से निर्भय हो गये हैं क्योंकि उनको वर्तमान सत्तारूढ़ दलों का पूरी तरह से संरक्षण प्राप्त है।न तो घटना होने के बाद लूटेरे या अपराधी पकड़े जाते हैं और न ही उन पर कार्रवाई हो पाती है।कुछ पकड़े भी जाते हैं तो येन केन प्रकारेण उन पर पुलिस आरोप तय नहीं कर पाती, जिससे वो पुनः बाहर आकर और दुगनी गति से अपराध को अंजाम देने लगते हैं. यही बिहार की स्थिति हो गई है।