प्यार की बनेंगे मिशाल, मौत के बाद भी अपनी आंखो से देखेंगे संसार
#दम्पति ने मरणोपरांत अपनी आंख दान का किया करार

मढ़ौरा I
कहते है कि प्यार दुनिया की सबसे बड़ी ताकत सबसे बड़ी इबादत है I यही वह जूनून है की संसार से जाना तय यह आत्मसात करने के बाद भी एक दुसरे के लिए जीने की इच्छा को अपने से अलग नहीं कर पाते I प्यार के इसी जूनून को सबके सामने साकार किया है मढ़ौरा सेमल सराय के एक दम्पति ने I मरने के बाद भी वे एक दुसरे को देख सके इसलिए दोनों ने मरणोपरांत अपनी आंख दान कर दी है I सेमल सराय निवासी श्रीकांत सिंह को आंख की रौशनी से वंचित लोगों को देख कर पूर्व से पीड़ा होती रही थी I उनके मन में मरणोपरांत अपनी आंख दान करने की तीव्र इच्छा थी I पिछले दिनों पटना पीएमसीएच में आई बैंक खुलने की चर्चा सुनी तो वे भी अपना रजिस्ट्रेशन करने को उत्सुक हो गये I इसकी चर्चा जब अपनी पत्नी धर्मपत्नी सीमा देवी से की तो पत्नी भी साथ साथ तैयार हो गई I दम्पति के इस निर्णय को उनके बच्चों ने भी स्वीकार कर लिया I फिर श्रीकांत सिंह और सीमा देवी पीएमसीएच पहुंचे और अस्पताल में पांचवे व्यक्ति के तौर पर अपना रेजिस्ट्रेशन कराया I दोनों दम्पति मृत्यु उपरांत अपनी आंख को दान करेगे और आपनी आंख से इस संसार में जीवित रहेंगे I श्रीकांत सिंह ने कहा कि ये उनका सौभाग्य है कि उनके फैसले में उनकी पत्नी का साथ मिला I पत्नी सीमा देवी ने कहा कि उन्हें इस संसार से और अपने पति से बहुत प्यार है अब वे मरने के बाद भी अपने पति को देख सकेगी I मरणोपरांत अपनी आंख दान करने का रजिस्ट्रेशन करा कर घर लौटने पर दम्पति के पुत्र पुत्री ने फूल माला से स्वागत किया और कहा कि उन्हें अपने अभिभावक पर गर्व है जो इस समाज को लेकर भी एक सोच मन में रखते है I इधर श्रीकांत सिंह के गांव बहुआरापट्टी सेमल सराय में इस बात की जानकारी होने पर गांव वाले ने भी दम्पति की प्रशंसा की है I लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे लोग सदेव प्रशंसनीय है जो समाज के लोगों के लिए अपना अंशदान देते है I
साभार – संजीव कुमार,दैनिक भास्कर मढ़ौरा सारण ।