पुलिस की कार्यशैली कहीं अच्छी कहीं मैली
दिलीप मेहता
मांडलगढ़ 11 जून। पुलिस सर्किल में पुलिस की कार्यशैली पर तरह तरह की चर्चाओं का दौर आमजन में चलने लगा है । बिते दिनो में सर्किल के अफीम डौडे चुरे के मामले हो या अवैध खनन तथा काछोला में पुलिस के खिलाफ जनता का आक्रोश दिखाई देना इससे पुलिस की छवि कहीं पर अच्छी रही तो कहीं पर धुमिल भी हुई है । आज कल सर्किल के एक दो थानो में कुछ सिपाही सिविल में रहकर ही क्षेत्र में जाकर अफीम डोडे चुरे को पकडने के लिये निजी वाहन में मुखबीरी खोज रहे है और सफलता भी मिल रही है । ऐसी ही मुखबीरी अगर चोरियां बरामद करने में पुलिस जुट जाये तो नतिजे सार्थक आयेंगे । मगर पुलिस का मामला सभी जानते है ..?? मेवाड में कहावत है “” तेल तिलो से निकलेगा तभी काम चलेगा “” ?? इससे साफ जाहिर होता है कि पुलिस की सोच चोरियां बरामद करने से भी ज्यादा डोडे चुरे पकडने की तरफ है .. ? कुछ दिनो पहले अफीम डोडे चुरे को लेकर सर्किल में मामला चर्चित भी रहा और आगे तक संभवतया शिकायत भी हुई लेकिन यह सब चर्चाओं का दौर था जो थमता दिखाई दे रहा है । मांडलगढ़ व बिगोद थाने में डोडे चुरे के कई मुकदमें दर्ज हुये है पुलिस इसको भारी सफलता बताती है और समाचारो में छाई रहती है ,, इसको पकडने से जनता को कोई मतलब नहीं है जनता तो पुलिस से मुख्य रूप से शांति व्यवस्था व चोरियों पर अंकुश व बरामदगी चाहती है । नाकाबंदी,, गस्त व अभियान पुलिस की रूटीन प्रक्रिया है इसमें अपराधी पकड में आते रहते है । बिते दिनो में नजर दौडाई जाये तो मांडलगढ़ के काछोला थाने में हुई चोरियों का मुकदमा दर्ज नहीं करना फिर जनता द्धारा मांग करने पर दर्ज होना लेकिन बरामदगी नहीं होने पर जनता का फिर भारी विरोध करना जैसे मुद्दे रहने से पुलिस की साख गिरी है । समय पर पुलिस जागरूक रहती तो जनता को विरोध करने का मौका नहीं मिलता ? अगर अफीम डोडे चुरे पकडने में पुलिस की चुस्ती व फुर्ती व रात दिन भागदौड करने का परिणाम सार्थक आता है तो ऐसी ही झलक अगर चोरिया बरामदगी में पुलिस लगाती तो जनता में पुलिस की छवि अच्छी होती ?? बाद मे पुलिस प्रशासन ने काछोला में गायो के मामले में ट्रक जलाने के बाद काछोला का थानाप्रभारी बदला जिसे काफी पहले ही हटा देना चाहिये था । खैर जो भी हुवा वह जनता के सामने है । अब पुलिस के लिये चुनोती है कि वह काछोला मे हुई चोरियां खोले चाहे पुलिस प्रशासन को केम्प करना पडे । जानकारी के अनुसार सर्किल के अफीम डोडे चुरे के प्रकरणो की और उच्च अधिकारियों की भी चौकस निगाहें हो सकती है । समय को इंतजार रहेगा कि ,,इसमें काउंटर पत्रावलियों पर उच्च अधिकारीयों का क्या नजरियां रहेगा या नहीं … यह राम ही जाने…..???




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