पाॅपुलर फ्रंट का विपक्षी पार्टियों के बीच मज़बूत होती एकता का स्वागत
फिरोज खान
जयपुर ग्रामीण 24 जून। पाॅपूलर फ्रंट आॅफ इंडिया के चेयरमैन ई. अबूबकर ने अपने एक बयान में विपक्षी दलों के बीजेपी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के मुकाबले में मीरा कुमार को अपनी उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फासीवाद के खिलाफ एकता की ओर बढ़़ता कदम है।
बीजेपी सरकार में बाएं बाज़ू, दलित, बहुजन और फासीवाद का विरोध करने वाले हर व्यक्ति को जिस्मानी व दूसरे तरीकों से निशाना बनाया गया है। भारतीय लोकतंत्र पर हो रहे इस हमले को देखते हुए, इन पार्टियों के पास एक होकर एक दूसरे की हिफाज़त करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। इसलिए ऐसे नाज़ुक समय में जबकि लोकतंत्र के संवैधानिक मूल्य और सेक्युलर किरदार बहुत बड़े ख़तरे में है, विपक्ष का एक होने की ख़्वाहिश ज़ाहिर करना वास्तव मंे देश की जनता के लिए उम्मीद की एक किरण है।
बयान में सभी इलाकाई पार्टियों को अपने मतभेद के बावजूद मीरा कुमार के समर्थन का ऐलान करने पर मुबारकबाद दी गई। इस सिलसिले में बीएसपी सुप्रीमो मायावती खास तौर से तारीफ के लायक हैं कि उन्होंने अपने पहले फैसले में बदलाव करते हुए सेक्युलर उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान किया है।
वहीं ई. अबूबकर ने बिहार के मुख्यमंत्री तथा जे.डी(यू) नेता नितीश कुमार के बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन के फैसले की निंदा की। फासीवाद के खिलाफ संयुक्त मोर्चा और “आरएसएस मुक्त भारत” के हाल ही में ज़बरदस्त समर्थक रहे नितीश कुमार का संघ परिवार के उम्मीदवार के समर्थन का यह फैसला बिहार की जनता के आम फैसले से गद्दारी है, जो वहाँ की जनता ने उनके हक में दिया था। यकीनी तौर पर एनडीए का पूर्व सदस्य रह चुका यह व्यक्ति यह साबित कर रहा है कि वह मोदी सरकार की धमकियों या दबाव में कितना मौकापरस्त राजनेता बन सकता है।
ई. अबूबकर ने इस उम्मीद का इज़हार किया कि विपक्षी पार्टियाँ हिंदुत्व के खिलाफ इस एकता को राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम के बाद भी जारी रखेंगी।