दिल लगा गधी से तो परी क्या चीज़ है वाली कहावत सत्यार्थ सिघ्द हुई 
लड़की बनकर दोस्त ने वर्षो तक प्रेमिका का फर्ज निभाया
💔इश्क मे शारीरिक शोषण या धोखा
शीतल प्रसाद गुप्ता● ब्यूरोचीफ
Edited by azad nab
लखनऊ (यूपी) 17 जुलाई ।इश्क की यादगार मे बनाई गई आगरा की ताज महल की धरती पर  “दिल लगी दिवार से तो परी किस काम की” कि  कहावत उस समय चरितार्थ हो गई जब  मुहब्बत की यादगार कहलाने वाली शहर मे 
इश्क की आग मे अंधा बने दोस्त को खुश रखने के लिए एक युवक ने आपनी जेंडर चेंज करवा ली और प्रेमिका के रूप मे तीन साल तक हम विस्तार होकर दोस्त की भावनाओ के साथ खिलौना जैसा खेलता रहा ,और अचानक प्रेमिका रूपी दोस्त को गायब हो जाने से इश्क मे अंधा दोस्त अब बेवकूफी करने व  का आरोप प्रशासनसे किया है।जिसकी चर्चा योगी की प्रदेश मे सर्वत्र बनी हुई है,की दोस्त को  खुश करने के लिए प्रेमिका के रूप मे शारीरिक शोषण करने वाला दोशी या आबरू  बचाने के लिए फरार नकली प्रेमिका दोषी।
बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया हैं। एक समलैंगिक युवक दूसरे लड़के के प्यार में पड़कर लड़की बन गया. तीन साल तक उसके साथ लि‍व-इन में रहा।आरोप है कि  लाखों रुपए हड़प कर फरार हो गया।पीड़ि‍त इश्कबाज युवक  ने एसएसपी से इस बात की शि‍कायत की है-मामला सदर इलाके के मधुनगर का है. यहीं का मुकेश उर्फ ज्योति बहुरुपिया बनकर ट्रेनों में करतब दिखाता था. तीन साल पहले सदर बाजार के रहने वाले नितिन नाम के युवक से उसकी दोस्ती हो गई। इस दौरान नितिन और ज्योति के बीच अंतरंग संबंध भी बन गए. तभी नितिन के कहने पर मुकेश ने दिल्ली जाकर अपना जेंडर चेंज करवाया लिया-प्यार में पागल मुकेश ने आरोप लगाया है कि नितिन को गाड़ी, कपड़े दिए और अपनी कमाई के 25 लाख रुपए उस पर उड़ा दिए. उसकी पढ़ाई तक की व्यवस्था की. नितिन के परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने उसे घर बुलाया और फिर वहां से कहीं और भेज दिया. काफी ढूंढने के बाद भी जब नितिन नहीं मिला तो मुकेश ने एसएसपी से  मिलकर शिकायत दर्ज करवाई की जा रही हैं।