छपरा। दिल्ली और बिहार की राजधानी पटना में अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों और युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज और दमनकारी कार्रवाई के विरोध में सारण (छपरा) के तमाम छात्र संगठन और सामाजिक कार्य कर्ता  सरकार और पुलिस प्रशासन की इस छात्र विरोधी मानसिकता के खिलाफ आगामी  25 जुलाई को छपरा शहर में एक विशाल ‘प्रतिरोध मार्च’ निकाला निकलेंगे।गुरुवार को छपरा में आयोजित विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक संयुक्त आपातकालीन बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं ने कहा कि दिल्ली और पटना में अपने हक, पारदर्शी परीक्षाओं और रोजगार की मांग कर रहे छात्रों पर जिस तरह से पुलिस ने लाठियां बरसाई हैं, वह लोकतंत्र की मर्यादा को तार-तार करता है।
“छात्रों की आवाज को लाठी और गोलियों के दम पर दबाया नहीं जा सकता। सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए छात्रों को निशाना बना रही है, जिसे छपरा का युवा समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।”
प्रतिरोध मार्च की मुख्य बातें एवं मांगे रखी विरोध मार्च जिला स्कूल आम्बेडकर भवन छपरा से  नगरपालिका चौक  तक किया जायेगा

छात्र संगठनों  सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधियों ने जिले के सभी कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों, युवाओं व आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में 25 जुलाई को सड़कों पर उतरकर इस ‘प्रतिरोध मार्च’ को ऐतिहासिक बनाएं और सत्ता के दमन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।