
संजीत कुमार/सोनपुर (सारण): नेपाल से आई बाढ़ के कारण सोनपुर में स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालांकि अब कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन निचले और दियारा क्षेत्रों के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पानी के घरों और खेतों में प्रवेश करने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे लोगों को आवागमन, खान-पान और मवेशियों की देखरेख में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए सोनपुर की बीडीओ अरोमा मोदी, बीपीआरओ राजेश कुमार और सीओ राजकुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने स्काउट गाइड कैंप और सामुदायिक भवन में चल रहे सामुदायिक किचन (किचन शेड) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से खाना परोसा और उनके साथ बैठकर स्वयं भी वही भोजन ग्रहण किया। अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच की और सरकार से मिलने वाली सहायता सामग्री के वितरण का जायजा लिया।
सोनपुर प्रखंड की कुल 23 पंचायतों में से 18 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। हरिहरनाथ क्षेत्र, जेपी सेतु के बजरंग चौक की निचली सड़क, सबलपुर की चारों पंचायतें, नजरमीरा, पहलेजा शाहपुर दियारा, भरपुरा, गंगाजल, दूधैला, जहांगीरपुर और खरिका जैसे क्षेत्र पानी में डूबे हुए हैं। कई सड़कें जलमग्न हैं और सैकड़ों परिवार अपने पशुओं के साथ ऊंचे स्थानों, बांधों, स्कूलों और टेंटों में शरण लिए हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से अब तक प्रखंड में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
बाढ़ के गंदे पानी में आवागमन करने से लोग विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इससे निपटने के लिए प्रशासन द्वारा अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं, जहां लोगों का इलाज कर निःशुल्क दवाइयां वितरित की जा रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।





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