समय पर जमा नहीं करने वालों को भरना पड़ सकता है ब्याज

छपरा। जिला प्रशासन के अधिकृत आयकर अधिवक्ता अजय कुमार तिवारी ने सरकारी कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों को एडवांस टैक्स की किस्त निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमा करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि टैक्स ईयर 2026-27 के लिए टैक्स का दायित्व 10 हजार से अधिक होने की स्थिति में एडवांस टैक्स जमा करना आवश्यक है. समय पर टैक्स जमा नहीं करने अथवा कम राशि जमा करने पर आयकर अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत ब्याज का अतिरिक्त भार उठाना पड़ सकता है.
चार तिथियां हैं निर्धारित
अजय कुमार तिवारी ने बताया कि एडवांस टैक्स चार किस्तों में जमा किया जाता है. 15 जून 2026 तक अनुमानित टैक्स का 15 प्रतिशत, 15 सितंबर तक 45 प्रतिशत, 15 दिसंबर तक 75 प्रतिशत और 15 मार्च 2027 तक 100 प्रतिशत टैक्स जमा करने का प्रावधान है.
प्रति माह की दर से देना होगा ब्याज
उन्होंने बताया कि निर्धारित समय पर एडवांस टैक्स की किस्त जमा नहीं करने या कम राशि जमा करने पर धारा 234-सी के तहत 1 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज लगाया जा सकता है. वहीं टैक्स ईयर के अंत तक कुल देय टैक्स का 90 प्रतिशत एडवांस टैक्स के रूप में जमा नहीं होने पर धारा 234b-बी के तहत भी ब्याज देय हो सकता है.
12 लाख वालों को राहत
एडवोकेट श्री तिवारी ने बताया कि वैसे कर्मी जिनका कर योग्य आय टैक्स ईयर 2026-27 में 12 लाख से कम बनता है, तो उनको एडवान्स टैक्स नहीं देना है. क्योंकि टैक्स ईयर के अंत में जो टैक्स दायित्व बनेगा. उसनें धारा 87-ए का लाभ मिलने के कारण टैक्स शून्य हो जाएगा.
अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचें
अधिवक्ता तिवारी ने सरकारी कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों से अपील की कि वे अपनी वास्तविक टैक्स देनदारी की समय रहते गणना करें. आय की गणना करते समय उपलब्ध छूट, रिबेट और पहले से काटे गए टीडीएस को भी ध्यान में रखें. उन्होंने कहा कि समय पर सही टैक्स भुगतान करने से बाद में ब्याज के अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सकता है.




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