
डोरीगंज (सारण)। छपरा सदर प्रखंड के दियारा इलाकों में गंगा का जलस्तर भले ही धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन रायपुर विंदगावां, कोटवापट्टीरामपुर और बड़हरा महाजी पंचायतों के बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं। पानी हटने के बाद अब लोगों के सामने पेट भरने और जीवन को सामान्य करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
बाढ़ पीड़ितों की प्रमुख समस्याएं:
- बिजली और संपर्क भंग: पिछले एक हफ्ते से इलाके की बिजली पूरी तरह गुल है। सड़क मार्ग कट जाने के कारण आवागमन और राहत सामग्री की आपूर्ति ठप है।
- ईंधन का अभाव: घरों में सूखा राशन तो मौजूद है, लेकिन जलावन (लकड़ी) खत्म होने और भीगने के कारण चूल्हे ठप पड़े हैं। गैस खत्म होने की कगार पर है और मोबाइल बंद होने से नई बुकिंग भी नहीं हो पा रही है।
- संसार से कटाव: मोबाइल चार्ज नहीं होने के कारण लोगों का बाहरी दुनिया और रिश्तेदारों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। अंधेरे में रातें गुजारने को मजबूर हैं।
- कम्युनिटी किचन नदारद: सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इस पूरे दियारा क्षेत्र में प्रशासन द्वारा एक भी सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) का संचालन नहीं किया जा रहा है, जिससे भूखे परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है।
बाढ़ से घिरे इन परिवारों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि प्रशासन जल्द से जल्द नाव के जरिए खाद्य सामग्री, रसोई गैस और जलावन उपलब्ध कराए, बिजली बहाल करे और क्षेत्र में कम्युनिटी किचन की शुरुआत करे ताकि इस आपदा से राहत मिल सके।




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