डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया अभियान, एंटी लार्वा केमिकल का हो रहा छिड़काव
⏺️स्थायी जल-जमाव वाले जगहों पर किया जा रहा छिड़काव
⏺️शहर के कई स्थानों को किया गया चिन्हित
सभी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध
छपरा/ 30 सितम्बर: जिले में डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान शुरू कर दिया है। डेंगू से बचाव के लिए शहर के स्थायी जल-जमाव वाले जगहों पर एंटी लार्वा केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक टीम को लगाया गया है। फिलहाल यह अभियान शहर में चलाया जा रहा है।
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने बताया स्वास्थ्य विभाग डेंगू एंव मच्छर जनित रोगों के प्रति सजग एंव अलर्ट है। यह अभियान 20 सितंबर से चलाया जा रहा है,जो ठंड के मौसम आने तक चलता रहेगा। टीम के द्वारा जल-जमाव वाले जगहों पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है ताकि मच्छरों के लार्वा को मारा जा सके। डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसे गंभीर रोग से निपटने के लिए जिले में रैपिड रेस्पोंस टीम का गठन किया गया है। जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर पर आम लोगों में इन रोगों के प्रति जागरूकता एवं ईलाज की सटीक जानकारी देने के साथ आपातकाल स्थिति में सक्रिय रहने की ज़िम्मेदारी इस टीम को दी गयी है।
मच्छरों से रहें सावधान : डेंगू एवं चिकनगुनिया की बीमारी संक्रमित एडीस मच्छर के काटने से होती है. यह मच्छर सामान्यता दिन में काटता है एवं यह स्थिर पानी में पनपता है. डेंगू का असर शरीर में 3 से 9 दिनों तक रहता है. इससे शरीर में अत्यधिक कमजोरी आ जाती है और शरीर में प्लेटलेट्स लगातार गिरने लगती है. वहीँ चिकनगुनिया का असर शरीर में 3 माह तक होती है. गंभीर स्थिति में यह 6 माह तक रह सकती है. डेंगू एवं चिकनगुनिया के लक्षण तक़रीबन एक जैसे ही होते हैं. इन लक्षणों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है.
 तेज बुखार, बदन, सर एवं जोड़ों में दर्द
 जी मचलाना एवं उल्टी होना
 आँख के पीछे दर्द. त्वचा पर लाल धब्बे/ चकते का निशान
 नाक, मसूढ़ों से रक्त स्त्राव
 काला मल का आनाऐसे करें बचाव
 घर में साफ सफाई पर ध्यान रखें
 कूलर एवं गमले का पानी रोज बदलें
 सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें. मच्छर भागने वाली क्रीम का इस्तेमाल दिन में करें
 पूरे शरीर को ढंकने वाले कपडे पहने एवं कमरों की साफ़-सफाई के साथ उसे हवादार रखें
 आस-पास गंदगी जमा नहीं होने दें. जमा पानी एवं गंदगी पर कीटनाशक का प्रयोग करें
 खाली बर्तन एवं समानों में पानी जमा नहीं होने दें
 जमे हुए पानी में मिट्टी का तेल डालें
इन स्थानों को किया गया चिन्हित:
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि शहर के रामलीला मठिया, खनुला नाला के आस-पास के इलाके, करीमचक, मोहन नगर, जासोसती पोखरा, कटहरीबाग के कई मुहल्लों को चिन्हित किया गया। यहां जल-जमाव वाले स्थान पोखरा खुली नालियों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इसके लिए टीम बनायी गयी है। एक टीम शहर में काम कर रही है।
इन प्रखंडों में किया गया फॉगिंग:
जिले के डेंगू प्रभावित प्रखंडों में पहले हीं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा फॉगिंग करायी गयी है। दरियापुर, परसा, नगरा, इसुआपुर समेत अन्य प्रखंडों में डेंगू व मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य की ओर से फॉगिंग करायी गयी है।
सभी अस्पतालों इलाज की सुविधा:
जिला सेविला सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने बताया सदर अस्पताल समेत सभी पीएचसी में डेंगू एवं मच्छर जनित रोगों की इलाज की सुविधा उपलब्ध है। डेंगू व मच्छर जनित रोग से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। इसके लिए अभियान चलाया जा रहा है।