डिब्बाबंद दूध शिशु की सेहत के लिए नुकसानदेह: डा दीपा

छपरा । डिब्बाबंद दूध शिशु की सेहत के लिए नुकसानदेह है। इसमें प्रिजर्वेटिव मिलता है, जो कि प्रोटीन, कैल्शियम व विटामिन को खत्म कर देता है। इससे शिशु की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। उक्त बातें डा दीपा सहाय ने जिला बालिका हाई स्कूल सह इंटर कालेज के सभागार में इनर व्हील क्लब ऑफ छपरा की ओर से आयोजित स्तनपान जागरूकता एवं माहवारी स्वच्छता अभियान के दौरान मंगलवार को कही । उन्होंने अपील की कि हर सरकारी, निजी कार्यालय में ब्रेस्ट फीडिंग कॉर्नर बने, जिससे शिशु को स्तनपान में असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सुगम स्तनपान, आज व बेहतर कल के लिए है। उन्होंने कहा कि स्तनपान से शिशु और मां की सेहत बेहतर रहती है। मां का दूध शिशु के लिए सुपाच्य होता है। पहले तीन दिन तक निकलने वाला मां का गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु के लिए बहुत फायदेमंद होता है। उसमें अनेक पौष्टिक तत्व होते हैं, जो शिशु को संक्रमण से बचाने के साथ प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रसव के एक घंटे के अंदर शिशु को मां का दूध पिलाना चाहिए। नियमित रूप से स्तनपान से महिलाओं को मोटापा, बच्चेदानी और स्तन कैंसर का खतरा कम होता है। सर्दी जुकाम या कोई भी बीमारी होने पर मां को शिशु को स्तनपान कराना बंद नहीं करना चाहिए। बच्चों को दो साल तक स्तनपान कराते रहना चाहिए। शुरु के छह माह सिर्फ स्तनपान ही कराना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत डा दीपा सहाय तथा अध्यक्ष अनुराधा सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।अध्यक्ष अनुराधा सिन्हा ने कहा कि विद्यालयों की छात्राओं को माहवारी स्वच्छता का ज्ञान होना जरूरी है । इसकी जानकारी होने से कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है । उन्होंने छात्राओं को माहवारी स्वच्छता के महत्व तथा उद्देश्य से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि माहवारी स्वच्छता अपनाने से कई गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है। माहवारी के दिनों में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस अवसर पर एक सौ छात्राओं के बीच सेनेटरी पैड का वितरण किया गया।समारोह में सचिव अपर्णा मिश्रा, शैला जैन, कांति पांडेय, वीणा शरण आदि ने भाग लिया ।