
छपरा।जय प्रकाश विश्वविद्यालय के सिनेट हॉल में शुक्रवार को मनोविज्ञान विभाग के शोधार्थी फिरोज अंसारी ने अपनी पीएचडी की मौखिक परीक्षा (वाइवा) उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ पूरा कर लिया, जिसके बाद वाह्य परीक्षक द्वारा उन्हें पीएचडी की डिग्री प्रदान करने की अनुशंसा कर दी गई। ऑनलाइन आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में रांची विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मीरा जायसवाल वाह्य परीक्षक के रूप में उपस्थित रहीं। फिरोज अंसारी ने अपने शोध ग्रंथ पर प्रभावशाली और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति दी। वाह्य परीक्षक द्वारा पूछे गए गहन एवं चुनौतीपूर्ण प्रश्नों के साथ-साथ विभागीय प्रोफेसरों के सवालों का उन्होंने बौद्धिक परिपक्वता के साथ संतोषजनक उत्तर दिया। सभी परीक्षकों को उनके उत्तरों से पूर्ण संतुष्टि मिलने के बाद डॉ. मीरा जायसवाल ने पीएचडी उपाधि प्रदान करने की अनुशंसा कर दी। इस उपलब्धि पर विभाग में बधाईयों का सिलसिला चला। उनके गाइड जेडए इस्लामिया पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अख्लाक अहमद ने कहा कि फिरोज अंसारी ने चार वर्षों के अथक प्रयास, समर्पण और निष्ठा से यह उपलब्धि हासिल की है। यह उनके अटूट संकल्प का परिणाम है। मौके पर मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आशा रानी, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पूनम सिंह, डॉ. विवेक तिवारी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. मनोरंजन पाठक डॉ लक्ष्मण कुमार सिंह, प्रियंका कुमारी, पूजा कुमारी, आकाश कुमार, विजय कुमार, विकास रंजन, मुहम्मद अली इमाम, ब्रज भूषण यादव आदि उपस्थित रहे। यह उपलब्धि जय प्रकाश विश्वविद्यालय के शोध जगत को नई प्रेरणा और ऊंचाई प्रदान करती है। फिरोज अंसारी की लगन और मेहनत पूरे युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।




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